1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sep 02, 2025, 11:32:34 AM
रिटेल बैंकिंग बिजनेस - फ़ोटो GOOGLE
Bank Retail Exit: जर्मनी का बड़ा बैंक Deutsche Bank (ड्यूश बैंक) भारत में अपना रिटेल बैंकिंग बिजनेस (जैसे सेविंग अकाउंट, लोन, क्रेडिट कार्ड आदि) बंद करने की तैयारी कर रहा है। बताया जा रहा है कि बैंक ने अपने रिटेल कारोबार को बेचने के लिए देश और विदेश के दूसरे बैंकों को ऑफर दिया है। इसके लिए बोली लगाने की आखिरी तारीख 29 अगस्त रखी गई थी।
पहले भी बेचने की कोशिश कर चुका है बैंक
ड्यूश बैंक के भारत में अभी 17 ब्रांच हैं। कुछ समय पहले तक बैंक ने इस बिजनेस को ज्यादा मुनाफे वाला बनाने की कोशिश की थी। इस साल मार्च में बैंक के सीईओ क्रिश्चियन सिविंग ने कहा था कि लागत कम करने के लिए वे करीब 2,000 कर्मचारियों की छंटनी करेंगे।साल 2017 में भी बैंक ने भारत में अपने रिटेल और वेल्थ मैनेजमेंट बिजनेस को बेचने की कोशिश की थी, लेकिन वह डील आगे नहीं बढ़ पाई थी।
कितना मुनाफा होता है?
वित्तीय साल 2025 में ड्यूश बैंक को अपने रिटेल कारोबार से करीब 278 मिलियन डॉलर की आमदनी हुई थी। हालांकि, बैंक ने यह नहीं बताया कि वह इस बिजनेस की कितनी कीमत मांग रहा है।
क्यों छोड़ रहे हैं विदेशी बैंक भारत?
हालांकि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और यहां अमीरों की संख्या भी बढ़ रही है, फिर भी विदेशी बैंकों के लिए यहां मुनाफा कमाना मुश्किल हो रहा है। इसकी वजह है स्थानीय बैंकों से कड़ी टक्कर, कड़े नियम और कानून। ड्यूश बैंक से पहले सिटी बैंक ने भी साल 2022 में भारत में अपने कुछ कारोबार को बेच दिया था। वहीं स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक ने भी अपनी लोन बुक को कोटक महिंद्रा बैंक को बेच दिया था।
ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
अगर कोई दूसरा बैंक ड्यूश बैंक का रिटेल बिजनेस खरीद लेता है, तो आपका अकाउंट या लोन उस नए बैंक में ट्रांसफर हो सकता है। ब्याज दर, फीस, चार्जेस जैसे नियम बदल सकते हैं। मोबाइल बैंकिंग, नेट बैंकिंग का तरीका भी अलग हो सकता है। हालांकि, बैंक की ओर से ग्राहकों को इन बदलावों की पहले से जानकारी दी जाएगी ताकि किसी को परेशानी न हो।
क्या करें?
अगर आपका खाता, लोन या क्रेडिट कार्ड ड्यूश बैंक से जुड़ा है, तो अगले कुछ महीनों तक अपडेट पर नजर रखें। बैंक की ओर से नोटिफिकेशन या ईमेल जरूर आएगा। कोई बदलाव होता है तो आपको समय रहते सारी जानकारी दी जाएगी।