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Bihar real estate : बिहार में रियल एस्टेट का नया हब बन रहा है यह जिला, पढ़िए पूरी रिपोर्ट |

Bihar real estate : मुजफ्फरपुर ने रियल एस्टेट सेक्टर में नई ऊंचाइयों को छूते हुए पटना के बाद राज्य में दूसरा सबसे बड़ा राजस्व अर्जक जिला बन गया है। रिकॉर्ड तोड़ रजिस्ट्री और जमीन की बिक्री ने इसे निवेशकों के लिए हॉटस्पॉट बना दिया है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर
© Google
Nitish Kumar
Nitish Kumar
3 मिनट

Bihar real estate : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले ने रियल एस्टेट क्षेत्र में जबरदस्त प्रगति करते हुए राजधानी पटना के बाद सबसे अधिक राजस्व जमा कर सरकार को चौंका दिया है। अपार्टमेंट्स की बढ़ती मांग और जमीन की तेजी से हो रही रजिस्ट्री के चलते जिला रजिस्ट्री विभाग में हर दिन औसतन दो करोड़ रुपये से अधिक की आमदनी हो रही है।


राज्य सरकार ने जिले के लिए वित्तीय वर्ष 2024-25 में 430.35 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया था, जबकि अब तक 435.59 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। इससे मुजफ्फरपुर पटना के बाद पूरे बिहार में राजस्व वसूली के मामले में दूसरा सबसे बड़ा केंद्र बन गया है।

स्मार्ट सिटी और टाउनशिप योजनाओं ने दी रफ्तार

विशेषज्ञों का मानना है कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के साथ ग्रीनफील्ड टाउनशिप जैसी योजनाओं ने जिले में निवेशकों और आम जनता की दिलचस्पी को बढ़ाया है। नगर निगम सीमा से लगे इलाकों में जमीन की बिक्री और अपार्टमेंट्स की बुकिंग में बड़ा उछाल देखा जा रहा है।

मोतीपुर बना नया रियल एस्टेट सेंटर      

मुजफ्फरपुर के पश्चिमी हिस्से में स्थित मोतीपुर अब औद्योगिक विकास के साथ-साथ रियल एस्टेट का भी प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। यहां लगाए गए चार इथेनॉल संयंत्रों और आगामी फैक्ट्रियों के कारण भूमि की खरीद-फरोख्त में दोगुनी वृद्धि हुई है। मोतीपुर में हर दिन औसतन 75 से 100 प्लॉट्स की रजिस्ट्री हो रही है। यहां 51.76 करोड़ के वार्षिक लक्ष्य के मुकाबले 62.55 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित हुआ, जो तय लक्ष्य से 120% अधिक है।

नये नगर निकायों से बढ़ी रफ्तार  

2022 में सात नई पंचायतों को नगर पंचायत में और तीन नगर पंचायतों को नगर परिषद में बदले जाने से भी रियल एस्टेट मार्केट को मजबूती मिली है। शहरी सुविधाओं के विस्तार से लोगों का झुकाव अब शहर से सटे क्षेत्रों की ओर तेजी से बढ़ा है। कुढ़नी, मीनापुर, सरैया, सकरा, बरूराज जैसे क्षेत्रों में जमीनों की डिमांड में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है।


प्रमुख राजस्व आंकड़े (2024-25)

मुजफ्फरपुर मुख्य कार्यालय: ₹264.38 करोड़ वहीँ मोतीपुर कार्यालय: ₹62.55 करोड़ राजस्व प्राप्त हुई है | यह रिकॉर्ड बताता है कि मुजफ्फरपुर अब सिर्फ एक शैक्षणिक या ऐतिहासिक जिला नहीं, बल्कि बिहार का उभरता हुआ रियल एस्टेट हब बन चुका है, जिसकी ओर अब बड़े निवेशकों की नजरें भी टिक चुकी हैं।



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