कोर्ट के आदेश पर शंभू गर्ल्स हॉस्टल से छात्राओं ने लिया अपना सामान, मुंह ढककर आए शख्स ने पुलिस की मौजूदगी में खोला मेन गेट का ताला

कोर्ट के आदेश के बाद शंभू गर्ल्स हॉस्टल में छात्राएं अपने सामान लेने पुलिस के साथ पहुंचीं और सुरक्षित रूप से सामान प्राप्त किया।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 10 Feb 2026 06:22:15 PM IST

बिहार न्यूज

- फ़ोटो रिपोर्टर

PATNA:जहानाबाद की रहने वाली नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के करीब एक महीने बाद पुलिस की मौजूदगी में शंभू गर्ल्स हॉस्टल के मेन गेट का ताला खोला गया। इस दौरान पुलिस की गाड़ी को देखते ही लोगों की भीड़ लग गयी। 


दरअसल हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राएं अपने परिजनों के साथ वहां रखे सामान को लेने के लिए पुलिस के साथ शंभू हॉस्टल पहुंची थी। कोर्ट के ऑर्डर के बाद शंभू गर्ल्स हॉस्टल को खोला गया और छात्राओं को उनका सामान सौंपा गया। पुलिस के बुलावे पर एक शख्स अपना मुंह ढककर शंभू हॉस्टल पहुंचा और उसी ने अपने हाथों से मेन गेट का ताला खोला। शंभू हॉस्टल के गेट का ताला खुलने के बाद पुलिस छात्रा को लेकर अंदर गये और फिर वहां रखे सामान को छात्राओं को सौंपा गया। 


अरवल से अपनी बच्ची के साथ पहुंचे जीतेन्द्र कुमार ने बताया कि हॉस्टल में रहकर उनकी बेटी पटना में पढ़ाई करती थी। जब यहां घटना हुई थी तब सभी छात्रा के साथ मेरी बेटी भी घर चली गयी थी। उसका सामान हॉस्टल में रह गया था। उसी को लेने के लिए वो पुलिस पदाधिकारियों के साथ बेटी को लेकर हॉस्टल आए थे। ताला खोलने के लिए हॉस्टल के स्टाफ को पुलिस ने मौके पर बुलाया।    


बता दें कि 5 जनवरी और 6 जनवरी की रात पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में यह घटना हुई थी। जहां जहानाबाद की रहने वाली छात्रा जो पटना में रहकर NEET की तैयरी कर रही थी। उसकी संदिग्ध मौत से पूरे बिहार में हड़कंप मच गया था। हॉस्टल प्रशासन ने इसे आत्महत्या करार दिया, लेकिन कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ था। शुरुआती दौर में पुलिस ने इसे सामान्य मामला बताते हुए जल्दबाजी में अपनी थ्योरी सामने रखी, लेकिन जैसे-जैसे मामले की परतें खुलती गईं, पुलिस की कहानी बार-बार बदलती गई। पहले पुलिस इसे सुसाइड बताने की कोशिश की गई, फिर मर्डर और रेप का मामला सामने आया। ऐसे में पुलिस जांच में लापरवाही नजर आई, जिसके बाद सड़कों पर लोग उतकर प्रदर्शन करने लगे और मृतका के परिजनों को न्याय दिलाने की मांग करने लगे। 


मृतका को न्याय दिलाने के लिए पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव भी सामने आ गये। उन्होंने मृतका के परिवार से मुलाकात की और पूरी घटना की जानकारी ली। पप्पू यादव ने सरकार से मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की। इस केस में 22 दिन बीतने के बाद भी SIT यह तय नहीं कर पाई कि अपराध कब, कहां और किसने किया। केस की थ्योरी बार-बार बदल रही थी। पहले सुसाइड बताया गया फिर संदिग्ध मौत, फिर रेप. जांच का सबसे प्रमुख हथियार DNA मिलान था वो भी फेल हो गया। परिवार सहित कई लोगों का सैंपल डीएनए टेस्ट के लिए लिया गया था। हॉस्टल मालिक, उसके बेटे, हॉस्टल से जुड़े लोग, मददगार, मां-पिता, भाई, मामा व अन्य परिजनों का सैंपल लिया गया था। लेकिन सभी के सैंपल फेल हो गए। 


पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल की नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के 26 दिनों बाद एक CCTV फुटेज सामने आया था। जिसमें छात्रा को अस्पताल ले जाते वक्त बेहोशी की हालत में कुछ लोग गोद में उठाकर ले जाते दिखाई दिए थे। यह फुटेज घटना वाली रात के अगले दिन यानी 6 जनवरी का था। घटना के 26 दिनों बाद यह वीडियो जारी किया गया था। जिसके बाद नीतीश सरकार ने मामले को सीबीआई को ट्रांसफर करने की सिफारिश कर दी। 

पटना से सूरज कुमार की रिपोर्ट