1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Tue, 10 Feb 2026 05:22:56 PM IST
प्रतिकात्मक तस्वीर - फ़ोटो AI
Bihar News: बिहार के खगड़िया जिले के कोसी–बागमती दियारा क्षेत्र में नई सड़कों और पुलों के निर्माण से विकास के नए द्वार खुलने जा रहे हैं। इस क्षेत्र में लगभग 50 हजार से अधिक आबादी रहती है, जो अब तक बुनियादी सुविधाओं और बेहतर कनेक्टिविटी से वंचित रही है। एसएच-95 और बागमती नदी पर बन रहे पुलों के पूरा होने से दियारा क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदलने की उम्मीद है।
दियारा क्षेत्र की सरसवा, रोहियार, ठुठी मोहनपुर और बुच्चा पंचायतें लंबे समय से विकास से दूर थीं, लेकिन अब यहां तेजी से आधारभूत ढांचे का निर्माण हो रहा है। नवादा घाट से खरैता घाट तक बागमती नदी पर पुल का निर्माण कार्य तेज़ी से चल रहा है। इसके साथ ही मालपा घाट से रोहियार घाट के बीच भी बागमती नदी पर पुल बनाया जा रहा है।
वहीं, एसएच-95 का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है। इस सड़क पर कुल चार बड़े पुल बनने हैं, जिनमें कमला नदी पर पुल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, जबकि कोसी, मृत कोसी और बागमती नदी पर बनने वाले तीन अन्य पुलों का काम तेजी से प्रगति पर है। यह सड़क प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां कात्यायनी स्थान के पास से होकर गुजरती है।
इन सड़कों और पुलों के पूरा होने के बाद न केवल क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। कोसी–बागमती दियारा क्षेत्र खेती-किसानी और पशुपालन के लिए जाना जाता है। बेहतर सड़क और पुल मिलने से किसान अपनी फसल सीधे बाजार और रैक प्वाइंट तक पहुंचा सकेंगे। दूध व्यवसायियों को भी अपने उत्पाद का उचित मूल्य मिलने में आसानी होगी।
परियोजना से आध्यात्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। रोहियार पंचायत के बंगलिया गांव में स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां कात्यायनी स्थान तक पहुंच आसान होने से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी। जानकारी के अनुसार, मालपा घाट पर 28 करोड़ रुपये की लागत से 345 मीटर लंबा पुल बन रहा है, जबकि नवादा घाट पर 500 मीटर लंबे पुल का निर्माण 57 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। इन पुलों के निर्माण से बड़ी आबादी सीधे एसएच-95 से जुड़ जाएगी और सहरसा, सुपौल व मधेपुरा जैसे जिलों की दूरी कम हो जाएगी।
नवादा और खरैता घाट के बीच पुल बनने से सहरसा की दूरी काफी घट जाएगी। वर्तमान में लोगों को बीपी मंडल सेतु और बैजनाथपुर होकर लगभग 62 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है, जबकि नई सड़क और पुल के जरिए यह दूरी काफी कम हो जाएगी। कुल मिलाकर, एसएच-95 और बागमती नदी पर बन रहे पुल कोसी–बागमती दियारा क्षेत्र के लिए विकास की नई राह खोलेंगे और यहां के लोगों के जीवन स्तर में बड़ा बदलाव लाएंगे।