Ghooskhor Pandit controversy: “घूसखोर पंडत” मूवी का टाइटल बदलेगी नेटफ्लिक्स, विवाद के बाद दिल्ली हाई कोर्ट में मेकर्स ने दी जानकारी

मनोज बाजपेयी की फिल्म “घूसखोर पंडत” के टाइटल को लेकर विवाद बढ़ा, ब्राह्मण समुदाय ने आपत्ति जताई। मेकर्स ने दिल्ली हाई कोर्ट को सूचित किया कि फिल्म का टाइटल बदला जाएगा, नेटफ्लिक्स ने सफाई दी कि किसी की भावना को ठेस नहीं पहुँचाना था।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Tue, 10 Feb 2026 04:29:29 PM IST

Ghooskhor Pandit controversy

- फ़ोटो Google

Ghooskhor Pandit controversy: मनोज बाजपेयी की फिल्म “घूसखोर पंडत” के टाइटल को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा था। टीजर जारी होने के बाद ब्राह्मण समुदाय ने फिल्म के टाइटल और प्रमोशनल कंटेंट को अपमानजनक बताया और फिल्म को बैन करने की मांग की। विवाद इतना बढ़ गया कि मामला दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंच गया और उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश में राजनीतिक दलों ने भी नाराजगी जताई।


मेकर्स ने अब दिल्ली हाई कोर्ट को सूचित किया है कि वे फिल्म का टाइटल बदल देंगे। नेटफ्लिक्स ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। नए टाइटल की घोषणा जल्द ही की जाएगी।


दिल्ली हाई कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया था कि फिल्म का नाम और प्रमोशनल कंटेंट अपमानजनक हैं। उत्तर प्रदेश में डायरेक्टर के खिलाफ FIR दर्ज करवाई गई थी। विरोध के चलते मनोज बाजपेयी के पुतले भी फूंके गए।


मनोज बाजपेयी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि “अगर आप किसी चीज़ का हिस्सा हैं जो कई लोगों को तकलीफ दे रही है तो आपको रुककर सुनना चाहिए।” वहीं, निर्देशक नीरज पांडेय ने बताया कि फिल्म एक फिक्शनल पुलिस ड्रामा है और “पंडत” भी केवल एक काल्पनिक नाम है। उनका मकसद किसी कम्युनिटी का अपमान करना नहीं था।


फिल्म में मनोज बाजपेयी एक करप्ट पुलिस अफसर अजय दीक्षित की भूमिका निभा रहे हैं, जिन्हें लोग “पंडत” कहकर बुलाते हैं। फिल्म को नीरज पांडेय और रीतेश शाह ने लिखा और निर्देशित किया है। मुख्य कलाकारों में नुशरत भरूचा और श्रद्धा दास भी शामिल हैं।