1st Bihar Published by: First Bihar Updated Wed, 18 Feb 2026 10:09:15 AM IST
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Bihar Police Action : बिहार के सारण जिले में पुलिस प्रशासन ने विभागीय अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से सख्त कार्रवाई करते हुए एक वायरल वीडियो मामले को गंभीरता से लिया है। इस प्रकरण में नगर थाना में तैनात दो पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की अनुशासनहीनता या विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला उस समय सामने आया जब 17 फरवरी की रात करीब 9 बजकर 45 मिनट पर नगर थाना, सारण के सरकारी मोबाइल नंबर पर एक वीडियो प्राप्त हुआ। वीडियो के अवलोकन के दौरान पुलिस अधिकारियों ने पाया कि नगर थाना की आपात सेवा वाहन पर प्रतिनियुक्त महिला सिपाही 722 इंदु कुमारी एक व्यक्ति से कथित रूप से रुपये के लेन-देन को लेकर बातचीत करती दिखाई दे रही हैं। वीडियो में सामने आए इस घटनाक्रम को प्रथम दृष्टया गंभीर अनुशासनहीनता माना गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, गंडक कॉलोनी क्षेत्र में सरकारी आवास स्थित है और यह इलाका अपेक्षाकृत सुनसान रहता है। बताया जाता है कि यहां अक्सर प्रेमी युगल बातचीत करने के लिए पहुंचते हैं। इसी दौरान कथित तौर पर पुलिसकर्मियों ने एक प्रेमी जोड़े को पकड़ लिया और उन्हें छोड़ने के बदले पैसे की मांग की गई। हालांकि इस आरोप की पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन ने संबंधित कर्मियों से पूछताछ की। पूछताछ के दौरान महिला सिपाही इंदु कुमारी ने बताया कि वायरल वीडियो लगभग दो महीने पुराना है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि जिस दिन यह घटना हुई, उस समय ड्यूटी पर सहायक अवर निरीक्षक जगदीश शर्मा और चालक सिपाही उमेश सिंह भी मौजूद थे।इन तथ्यों के सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी।
पुलिस प्रशासन ने कहा कि वीडियो की सामग्री पुलिस विभाग की कार्यशैली और छवि पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए सहायक अवर निरीक्षक जगदीश शर्मा और महिला सिपाही इंदु कुमारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों पुलिसकर्मियों को नियमानुसार सामान्य जीवन-यापन भत्ता प्रदान किया जाएगा। वहीं चालक सिपाही उमेश सिंह की भूमिका की भी जांच की जा रही है और आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विभाग जनता के विश्वास पर आधारित है और इस विश्वास को बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी पुलिसकर्मी द्वारा अपने अधिकारों का दुरुपयोग या अवैध गतिविधि में शामिल होने की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले की विभागीय जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ की जाएगी।
सारण पुलिस ने अपने बयान में कहा कि इस तरह की घटनाएं पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करती हैं और जनता के भरोसे को कमजोर करती हैं। इसलिए अनुशासन के खिलाफ जाने वाले किसी भी कर्मी को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग ने भरोसा दिलाया कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
इस कार्रवाई को पुलिस प्रशासन ने विभागीय अनुशासन को सुदृढ़ करने और कानून व्यवस्था में जनता के भरोसे को कायम रखने की दिशा में एक आवश्यक कदम बताया है। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं पुलिसकर्मियों द्वारा अनुचित व्यवहार या भ्रष्टाचार से जुड़ी कोई जानकारी मिले तो उसकी सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।