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Bihar Assembly : बिहार में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को लेकर बिहार सरकार का बड़ा फैसला, अब यदि करेंगे अधिक काम तो फिर ...

बिहार विधानसभा के बजट सत्र में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन और कार्य अवधि को लेकर बड़ा मुद्दा उठा। सरकार ने अतिरिक्त काम कराने पर भुगतान का दावा करते हुए मामले की जांच कराने का भरोसा दिया।

Bihar Assembly : बिहार में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को लेकर बिहार सरकार का बड़ा फैसला, अब यदि करेंगे अधिक काम तो फिर ...
Tejpratap
Tejpratap
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Bihar Assembly : बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान आज सदन में प्रश्नकाल की शुरुआत होते ही आउटसोर्सिंग कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे पर जोरदार बहस देखने को मिली। सदन में विधायकों ने आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन और कार्य अवधि को लेकर सरकार से जवाब मांगा। इस मुद्दे पर सवाल उठाते हुए सदस्यों ने कहा कि सचिवालय और जिलों में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के साथ अलग-अलग नियम लागू किए जा रहे हैं, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।


सदन में पूछे गए सवाल के दौरान यह मुद्दा प्रमुख रूप से सामने आया कि सचिवालय में आउटसोर्सिंग के जरिए नियुक्त कर्मचारियों को निर्धारित समय से अधिक काम करने पर अतिरिक्त वेतन दिया जाता है। वहीं दूसरी ओर जिलों में कार्यरत कर्मचारियों को महीने में अधिकतम 26 दिनों तक ही वेतन का भुगतान किया जाता है, भले ही वे उससे अधिक दिनों तक काम क्यों न करें। विधायकों ने सरकार से पूछा कि इस असमानता को लेकर सरकार की क्या नीति है और क्या इसे दूर करने के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे।


सवाल के जवाब में संबंधित मंत्री ने कहा कि सरकार आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के हितों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी कर्मचारी से निर्धारित अवधि से अधिक काम लिया जाता है तो उसे अतिरिक्त भुगतान देने का प्रावधान है। मंत्री ने कहा कि यदि किसी स्तर पर इस व्यवस्था का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है या कर्मचारियों को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है, तो इसकी जांच करवाई जाएगी और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।


मंत्री के जवाब के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि सरकार लगातार प्रशासनिक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रयास कर रही है। आउटसोर्सिंग व्यवस्था को पारदर्शी और कर्मचारियों के लिए न्यायसंगत बनाने के लिए समय-समय पर समीक्षा की जाती रही है। उन्होंने सदन को आश्वस्त किया कि यदि जिलों में कार्यरत कर्मचारियों के साथ वेतन या कार्य दिवसों को लेकर कोई विसंगति पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट लेकर कार्रवाई की जाएगी।


इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान कई सदस्यों ने यह भी कहा कि आउटसोर्सिंग कर्मचारियों पर कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों की जिम्मेदारी रहती है, इसलिए उनके साथ समान और न्यायसंगत व्यवहार किया जाना जरूरी है। सदस्यों ने सरकार से मांग की कि पूरे राज्य में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के लिए एक समान वेतन और कार्य प्रणाली लागू की जाए, जिससे कर्मचारियों में असंतोष की स्थिति खत्म हो सके।


सदन में हुई इस चर्चा के बाद यह संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में सरकार आउटसोर्सिंग व्यवस्था की समीक्षा कर सकती है। फिलहाल सरकार ने मामले की जांच कर आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया है, जिससे कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की उम्मीद बढ़ गई है।