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Bihar Assembly : बिहार विधानसभा बजट सत्र में गरमाई राजनीति, इन मुद्दों पर बहस; आज 2026-27 बजट मांगों पर होगा मतदान

बिहार विधानसभा के बजट सत्र में आज कार्यवाही शुरू होते ही रामविलास पासवान को लेकर सदन में हंगामा हुआ। प्रश्न काल में कई विभागों पर सवाल उठे, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्यय अनुमोदनों पर चर्चा और मतदान आज होगा।

Bihar Assembly : बिहार विधानसभा बजट सत्र में गरमाई राजनीति, इन मुद्दों पर बहस; आज 2026-27 बजट मांगों पर होगा मतदान
Tejpratap
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Bihar Assembly : बिहार विधानसभा के बजट सत्र में आज की कार्यवाही शुरू होते ही सदन का माहौल एक बार फिर राजनीतिक रूप से गरमा गया। सत्र की शुरुआत में दिवंगत केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ दलित नेता रामविलास पासवान को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विभिन्न सदस्यों ने पासवान के योगदान और उनकी राजनीतिक विरासत से जुड़े मुद्दों को उठाया, जिसके कारण कुछ समय के लिए सदन में शोर-शराबा भी हुआ। हालांकि, बाद में सदन की कार्यवाही को व्यवस्थित करते हुए निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ाया गया।


आज की कार्यवाही की शुरुआत प्रश्न काल से हुई। प्रश्न काल के दौरान विधायकों ने विभिन्न विभागों से जुड़े अहम सवाल उठाए और संबंधित मंत्रियों से जवाब मांगा। प्रश्न काल समाप्त होने के बाद सदन में शून्य काल की कार्यवाही संचालित की गई, जिसमें सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्र से जुड़े जनहित के मुद्दों को उठाया। शून्य काल के दौरान कई विधायकों ने सड़क, सिंचाई, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं से संबंधित समस्याओं को प्रमुखता से रखा। इसके बाद कार्य स्थगन प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसमें कुछ सदस्यों ने राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों पर तत्काल चर्चा कराने की मांग की। कार्य स्थगन प्रस्ताव के बाद ध्यान आकर्षण प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया भी निर्धारित की गई है, जिसके तहत विभिन्न जनहित के मामलों पर सरकार का ध्यान आकर्षित कराया जाएगा।


बजट सत्र के दूसरे चरण में आज वित्तीय वर्ष 2026-27 के आय-व्यय के अनुमोदनों की मांग पर विस्तृत चर्चा और मतदान कराया जाएगा। यह प्रक्रिया सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इसके माध्यम से आगामी वित्तीय वर्ष के लिए विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं के लिए बजट आवंटन को अंतिम रूप दिया जाएगा। विपक्षी दलों द्वारा बजट प्रस्तावों पर सवाल उठाने और सरकार की नीतियों की समीक्षा करने की संभावना भी जताई जा रही है। वहीं, सरकार अपनी योजनाओं और विकास कार्यों का खाका प्रस्तुत कर सदन को विश्वास में लेने का प्रयास करेगी।


आज प्रश्न काल में जिन विभागों से संबंधित सवाल पूछे जाने हैं, उनमें ग्रामीण कार्य विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, पंचायती राज विभाग, जल संसाधन विभाग, लघु जल संसाधन विभाग, पथ निर्माण विभाग, भवन निर्माण विभाग तथा श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन विभागों से जुड़े सवालों के जरिए राज्य में चल रही विकास योजनाओं, ग्रामीण सड़कों के निर्माण, पंचायत स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन, सिंचाई व्यवस्था, भवन निर्माण परियोजनाओं और श्रमिकों के कल्याण से जुड़े विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है।


राज्य में विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं को लेकर इन विभागों की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। ऐसे में सदन में उठने वाले सवालों और सरकार द्वारा दिए जाने वाले जवाबों पर आम जनता और राजनीतिक विश्लेषकों की भी नजर बनी हुई है। माना जा रहा है कि बजट सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर तीखी बहस देखने को मिल सकती है, जिससे राज्य की राजनीति और विकास योजनाओं की दिशा तय होगी।