1st Bihar Published by: First Bihar Updated Wed, 18 Feb 2026 11:19:09 AM IST
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Bihar Assembly : मधुबन से राजवाड़ा हाट तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित या निर्माणाधीन सड़क को लेकर क्षेत्र में सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता और प्रगति को लेकर जो जानकारी लोगों को मिल रही है, वह विभाग द्वारा दी जा रही जानकारी से अलग बताई जा रही है। ऐसे में इस सड़क निर्माण कार्य की विभागीय निगरानी के तहत जांच कराने की मांग जोर पकड़ रही है। स्थानीय प्रतिनिधियों और लोगों का कहना है कि सड़क निर्माण से संबंधित कार्य पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होना चाहिए, ताकि आम जनता को इसका सही लाभ मिल सके।
इस मुद्दे को सदन में भी उठाया गया, जहां संबंधित सदस्य ने मधुबन से राजवाड़ा हाट तक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनने वाली सड़क के निर्माण कार्य पर सवाल खड़े किए। सदस्य ने कहा कि उन्हें क्षेत्रीय स्तर पर जो जानकारी मिल रही है, वह विभागीय रिपोर्ट से मेल नहीं खा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सड़क निर्माण कार्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। सदस्य ने स्पष्ट रूप से मांग की कि विभागीय निगरानी के माध्यम से पूरे मामले की जांच कराकर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए।
इस पर मंत्री अशोक चौधरी ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि सदस्य द्वारा उठाया गया सवाल पूरी तरह जायज है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को लगता है कि सड़क निर्माण कार्य में कहीं भी गड़बड़ी हुई है तो वह इसकी जानकारी उन्हें उपलब्ध कराएं। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि यदि इस तरह की कोई शिकायत या तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित अधिकारियों से जांच कराई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनने वाली सड़कों का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर संपर्क सुविधा प्रदान करना है। ऐसे में यदि निर्माण कार्य में कोई कमी पाई जाती है तो उसे गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि सभी सड़क परियोजनाएं निर्धारित मानकों के अनुसार पूरी हों, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके और क्षेत्रीय विकास को गति मिल सके।
इस पूरे मामले को लेकर अब उम्मीद जताई जा रही है कि यदि शिकायत या ठोस जानकारी मंत्री तक पहुंचती है तो विभागीय स्तर पर जांच की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे न केवल सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी बल्कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता भी बनी रहेगी। स्थानीय लोगों को भी उम्मीद है कि यदि जांच होती है तो सच्चाई सामने आएगी और यदि कहीं कोई कमी होगी तो उसे दूर किया जाएगा।