ब्रेकिंग
Bihar MLC Election : बिहार MLC चुनाव से पहले महागठबंधन में महाभारत! RJD ने कांग्रेस के खिलाफ उतारा उम्मीदवार✦4 बार फेल, ऊपर से शादी का दबाव और घर की तंगी... प्रिया ने नहीं मानी हार, UPSC में हासिल की 232वीं रैंक; पढ़िए सफलता की कहानी✦घर में घुसकर पति-पत्नी को मारी गोली, लव मैरिज के बाद ससुराल में रह रहा था दंपति; फोटो वायरल करने को लेकर विवाद✦Bihar Politics : अनंत और ललन सिंह के बीच आखिरी बार कब हुई थी बातचीत? बाहुबली नेता ने खुद किया खुलासा✦ ऑयल टैंकर से पेट्रोल की जगह निकले 30 से ज्यादा मवेशी, अंदर का नजारा देख पुलिस भी हैरान✦Bihar MLC Election : बिहार MLC चुनाव से पहले महागठबंधन में महाभारत! RJD ने कांग्रेस के खिलाफ उतारा उम्मीदवार✦4 बार फेल, ऊपर से शादी का दबाव और घर की तंगी... प्रिया ने नहीं मानी हार, UPSC में हासिल की 232वीं रैंक; पढ़िए सफलता की कहानी✦घर में घुसकर पति-पत्नी को मारी गोली, लव मैरिज के बाद ससुराल में रह रहा था दंपति; फोटो वायरल करने को लेकर विवाद✦Bihar Politics : अनंत और ललन सिंह के बीच आखिरी बार कब हुई थी बातचीत? बाहुबली नेता ने खुद किया खुलासा✦ ऑयल टैंकर से पेट्रोल की जगह निकले 30 से ज्यादा मवेशी, अंदर का नजारा देख पुलिस भी हैरान

Bihar Assembly : मुख्य सड़क से जुड़ेंगी गांव की सड़के? विस में राजद विधायक ने पूछा सवाल तो मंत्री ने कहा - आपने 15 सालों में तो कुछ नहीं किया लेकिन हम ...

बिहार विधानसभा में GTSNY योजना को लेकर जोरदार बहस हुई। छोटे बसावटों को सड़क संपर्क से जोड़ने, निजी जमीन अधिग्रहण और विकास कार्यों पर मंत्री अशोक चौधरी और विधायक आलोक मेहता के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।

Bihar Assembly : मुख्य सड़क से जुड़ेंगी गांव की सड़के?  विस में राजद विधायक ने पूछा सवाल तो मंत्री ने कहा - आपने 15 सालों में तो कुछ नहीं किया लेकिन हम ...
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी बसावटों को मुख्य सड़कों से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई GTSNY योजना को लेकर बिहार विधानसभा में चर्चा के दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। इस योजना को लेकर सदन में कहा गया कि यह योजना राज्य के दूर-दराज और छोटी आबादी वाले इलाकों को सड़क संपर्क उपलब्ध कराने के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। चर्चा के दौरान सदस्यों ने कहा कि जब उनकी सरकार थी, तब भी मुख्यमंत्री इस योजना को लेकर काफी गंभीर थे और कैबिनेट बैठकों में इस विषय पर विस्तार से विचार किया गया था। उस समय विभाग को निर्देश भी दिए गए थे कि जिन बसावटों तक सड़क संपर्क नहीं है, वहां तक संपर्क स्थापित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।


सदन में यह भी मुद्दा उठाया गया कि बिहार के अधिकांश ग्रामीण बसावट ऐसे क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं है और सड़क निर्माण के लिए निजी जमीन की आवश्यकता पड़ती है। इस वजह से कई योजनाएं जमीन अधिग्रहण की समस्या में फंस जाती हैं। इस समस्या के समाधान के लिए उस समय यह प्रस्ताव रखा गया था कि सरकार जरूरत पड़ने पर जमीन खरीद सकती है या फिर दीर्घकालिक लीज पर लेकर सड़क निर्माण का रास्ता साफ कर सकती है। हालांकि, इस दिशा में अपेक्षित स्तर पर समाधान नहीं निकल पाने की बात भी चर्चा में सामने आई।


इस मुद्दे पर विभागीय मंत्री अशोक चौधरी ने जवाब देते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ग्रामीण सड़क निर्माण को लेकर लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले के कार्यकाल में, जब आलोक मेहता के नेतृत्व में विभाग कार्य कर रहा था, उस समय पूरे बिहार में ग्रामीण क्षेत्रों में मात्र 8000 किलोमीटर सड़क का निर्माण हुआ था और मुख्य रूप से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ही काम किया जाता था। उन्होंने यह भी कहा कि उस समय मुख्यमंत्री अवशेष योजना और मुख्यमंत्री संपर्क योजना जैसी राज्य सरकार की अन्य योजनाएं अस्तित्व में नहीं थीं।


मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि आज वे सरकार के कार्यों पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार लगातार विकास कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि 15 वर्ष पहले इस प्रकार की चिंताओं पर गंभीरता से काम किया गया होता, तो आज ऐसी समस्याएं सामने नहीं आतीं।


इस दौरान सदन में माहौल कुछ देर के लिए गरमा गया, जब आलोक मेहता ने मंत्री के बयान पर जवाब देना शुरू किया। हालांकि, स्थिति को नियंत्रित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप किया और उन्हें अपनी बात रखने के बाद अपनी सीट पर बैठने का निर्देश दिया। इसके साथ ही इस विषय पर सदन की कार्यवाही आगे बढ़ाई गई।