1st Bihar Published by: First Bihar Updated Wed, 18 Feb 2026 09:29:41 AM IST
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Bihar Vidhan Sabha : बिहार विधानसभा के बजट सत्र का बुधवार को 12वां दिन राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। अब तक जहां सत्ता पक्ष के विधायक अपने सवालों के जरिए सरकार को कटघरे में खड़ा करते नजर आ रहे थे, वहीं अब सत्ताधारी दल के नेताओं द्वारा शराबबंदी का मुद्दा उठाए जाने से सदन का माहौल और गर्म होने की संभावना बढ़ गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है।
दरअसल, बिहार में शराबबंदी लंबे समय से सरकार की प्रमुख नीति रही है, लेकिन इसके क्रियान्वयन को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। अब जब सत्ता पक्ष के नेताओं ने ही सदन में शराबबंदी के प्रभाव और चुनौतियों को लेकर चर्चा छेड़ दी है, तो विपक्ष को सरकार पर हमला करने का नया अवसर मिल गया है। माना जा रहा है कि आज सदन की कार्यवाही के दौरान इस मुद्दे पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
इधर, दिवंगत केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता रामविलास पासवान को लेकर भी सियासी घमासान तेज हो गया है। इस मुद्दे पर राष्ट्रीय जनता दल और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेताओं के बीच बयानबाजी का दौर जारी है। लोजपा (रामविलास) के नेताओं ने राजद विधायकों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। वहीं, राजद ने इस पूरे मामले को दलित सम्मान से जोड़ते हुए इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया है। इससे दोनों दलों के बीच टकराव और बढ़ने के आसार हैं।
वहीं, मंगलवार को सदन में आयोजित प्रश्नकाल के दौरान कई अहम जनसरोकार से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए। सहरसा के विधायक आईपी गुप्ता ने राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत आउटसोर्सिंग कर्मियों की स्थिति को लेकर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने सवाल उठाया कि इन कर्मियों को केवल 26 दिनों का ही मानदेय क्यों दिया जाता है, जबकि वे पूरे महीने काम करते हैं। उन्होंने सरकार से इस व्यवस्था में सुधार करने और कर्मियों को उचित वेतन एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।
इसके अलावा रोहतास जिले से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले को भी सदन में उठाया गया। चेनारी के विधायक ने रोहतास में बने रोपवे के ध्वस्त होने की घटना पर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने इस दुर्घटना के पीछे के कारणों की जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों एवं एजेंसियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की। इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में भी काफी नाराजगी देखी जा रही है।
कुल मिलाकर बजट सत्र का यह दिन कई अहम राजनीतिक और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शराबबंदी, दलित सम्मान और आउटसोर्सिंग कर्मियों की समस्याओं जैसे विषयों पर सदन में तीखी बहस होने की संभावना है। ऐसे में आज की कार्यवाही पर सभी राजनीतिक दलों और जनता की नजरें टिकी हुई हैं।