ब्रेकिंग
Patna News : पटना को रक्षाबंधन का बड़ा तोहफा: आज शुरू होंगे मीठापुर-करबिगहिया और मीठापुर-महुली फ्लाईओवर, मिनटों में तय होगा लंबा सफरपहाड़ के आर-पार दौड़ेगा एक्सप्रेसवे! सासाराम में फिर टनल का प्लान, 15 KM कम हो सकती है दूरीरक्षाबंधन पर बिहार की 10 लाख महिलाओं को बड़ा तोहफा! घर पर सोलर लगेगा, बिजली बिल होगा जीरोBihar News: बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वालों के लिए बड़ी खबर, अब EOU करेगी पेपर लीक की जांच Bihar News : पटना के दिल में होगा बड़ा बदलाव! मौर्यालोक की पुरानी इमारतें टूटेंगी, 1209 करोड़ से बनेगा नया कॉम्प्लेक्सPatna News : पटना को रक्षाबंधन का बड़ा तोहफा: आज शुरू होंगे मीठापुर-करबिगहिया और मीठापुर-महुली फ्लाईओवर, मिनटों में तय होगा लंबा सफरपहाड़ के आर-पार दौड़ेगा एक्सप्रेसवे! सासाराम में फिर टनल का प्लान, 15 KM कम हो सकती है दूरीरक्षाबंधन पर बिहार की 10 लाख महिलाओं को बड़ा तोहफा! घर पर सोलर लगेगा, बिजली बिल होगा जीरोBihar News: बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वालों के लिए बड़ी खबर, अब EOU करेगी पेपर लीक की जांच Bihar News : पटना के दिल में होगा बड़ा बदलाव! मौर्यालोक की पुरानी इमारतें टूटेंगी, 1209 करोड़ से बनेगा नया कॉम्प्लेक्स

Bihar Mining Department : बिहार में खनन विभाग का बड़ा एक्शन! कई जिलों के अधिकारियों पर गिरी गाज, अंदर की रिपोर्ट ने मचाई हलचल

बिहार में खान एवं भू-तत्व विभाग की समीक्षा बैठक में कमजोर प्रदर्शन पर 8 जिलों के खनिज विकास पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। राजस्व वसूली और बालू घाट नीलामी की प्रगति की समीक्षा हुई।

Bihar Mining Department : बिहार में खनन विभाग का बड़ा एक्शन! कई जिलों के अधिकारियों पर गिरी गाज, अंदर की रिपोर्ट ने मचाई हलचल
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar Mining Department : उप मुख्यमंत्री सह खान एवं भूतत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर मंगलवार को खान एवं भू-तत्व विभाग की अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विभाग के निदेशक मनेश कुमार मीणा ने की। इस दौरान राज्य के सभी जिलों के खनिज विकास पदाधिकारी तथा संबंधित विभागीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। बैठक में विभागीय कार्यों की प्रगति, राजस्व संग्रह की स्थिति और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तार से समीक्षा की गई।


बैठक के दौरान कमजोर प्रदर्शन को लेकर कई जिलों के अधिकारियों पर विभाग ने सख्त रुख अपनाया। लखीसराय, जमुई, सारण, औरंगाबाद, गया, मधेपुरा और वैशाली समेत कुल आठ जिलों के खनिज विकास पदाधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा गया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने प्रदर्शन में सुधार लाएं और राजस्व वसूली में तेजी लाने के लिए ठोस कदम उठाएं।


बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित राजस्व लक्ष्य की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। इस दौरान बालू, पत्थर और ईंट उद्योग से प्राप्त होने वाले राजस्व, नीलामी प्रक्रिया, जुर्माना वसूली तथा कार्य विभाग से मिलने वाले राजस्व की वर्तमान स्थिति पर चर्चा हुई। समीक्षा में यह पाया गया कि कई जिलों में लक्ष्य और वास्तविक वसूली के बीच अंतर बना हुआ है। इसे कम करने के लिए अधिकारियों को विशेष रणनीति अपनाने और लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया।


निदेशक मनेश कुमार मीणा ने दैनिक राजस्व वसूली की निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने, विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने तथा लंबित बकाया राशि की शीघ्र वसूली सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राजस्व संग्रह में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है। इसके लिए सभी जिलों को नियमित रिपोर्टिंग और निगरानी तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।


समीक्षा बैठक में बालू घाटों की नीलामी प्रक्रिया, नीलाम किए गए घाटों के संचालन, रद्द किए गए घाटों की दोबारा नीलामी तथा ईंट सत्र 2025-26 के तहत संचालित भट्ठों से जुड़े भुगतान मामलों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जिन घाटों से संबंधित पर्यावरण स्वीकृति लंबित है, उनके मामलों का जल्द निष्पादन कराया जाए। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि सभी घाटों का संचालन निर्धारित नियमों और पर्यावरण मानकों के अनुरूप हो।


इसके अलावा विभाग ने राजस्व वसूली को बढ़ाने के लिए विशेष शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया है। इन शिविरों के माध्यम से रॉयल्टी और जुर्माना की लंबित राशि की वसूली तेज करने पर जोर दिया गया है। निदेशक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निर्धारित राजस्व लक्ष्य को पूरा करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


बैठक के अंत में सभी अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने जिलों में राजस्व संग्रह की स्थिति की नियमित समीक्षा करें और तय समय सीमा के भीतर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें। विभाग ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में प्रदर्शन के आधार पर अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी, जिससे राज्य के खनिज संसाधनों से अधिकतम राजस्व प्राप्त किया जा सके।