Bihar News: बिहार में बिल्डरों पर नकेल कसने की तैयारी शुरू, Rera के निशाने पर यह 10 बड़े प्रोजेक्ट्स

Bihar News: भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण यानी रेरा ने बिहार के ऐसे बिल्डरों पर नकेल कसने की तैयारी शुरू कर दी है जो नियमों को ताक पर रखकर काम कर रहे हैं. ऐसे 10 प्रोजक्ट्स रेरा के निशाने पर आ गए हैं.

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 27, 2025, 5:53:22 PM

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प्रतिकात्मक - फ़ोटो google

Bihar News: भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा), बिहार ने नवीनतम तकनीक का प्रयोग कर रेरा अधिनियम के प्रावधानों का उलंघन करने वाले बिल्डरों पर कारवाई करने की प्रक्रिया शुरू किया है। प्राधिकरण ने इस कार्य के प्रथम चरण में दस ऐसे प्रोजेक्ट्स की पहचान की है जो बगैर रेरा निबंधन के ही बनाये गए हैं।


इस कार्य के लिए वन एवं पर्यावरण विभाग के वैज्ञानिक पदाधिकारी भवेश कुमार की सहायता ली गयी है। उन्होंने आज रेरा बिहार के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह के समक्ष एक पावर पॉइंट प्रस्तुतीकरण दिया जिसमे उन्होंने बताया की कैसे नवीनतम तकनीक का उपयोग कर रेरा वैसे बिल्डरों के विषय में सूचना प्राप्त कर सकता है जो बिना निबंधन कराये फ्लैट अथवा प्लॉट की बिक्री कर रहे हैं।


भवेश कुमार ने अपने प्रस्तुतीकरण में दस ऐसे प्रोजेक्ट्स के सेटेलाइट चित्र प्रस्तुत किये जिसमे फ्लैट निर्माण साफ़-साफ़ दिखिए दे रहा है। ऐसे प्रोजेक्ट पटना जिले के आनंदपुर, अख्तियारपुर, राजपुर, शिवाला, हथिया कंध, उसरी, रानीपुर, बिहटा, रूपसपुर, आदमपुर एवं दानापुर मौजा में मौजूद हैं।


रेरा बिहार के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने कहा कि “हमें जो सॅटॅलाइट चित्र प्राप्त हुए हैं उससे साफ़ पता चलता की इन बिल्डरों ने रेरा अधिनियम का उलंघन किया है और इनके विरुद्ध सख्त कारवाई की जायेगी। प्राधिकरण इन बिल्डरों पर जुर्माना लगाने के अलावे ऐसी परियोजनाओं के फ्लैट्स एवं प्लॉटो के निबंधन पर रोक लगाने की भी कर्रवाई कर सकता है।


उन्होंने कहा कि नवीनतम तकनीक के इस्तेमाल से पहले प्राधिकरण द्वारा गठित तकनिकी दलों को ऐसे स्थलों पर भेजा गया था जहां पर पहले परियोजनाओं के रेरा निबंधन हेतु आवेदन प्राप्त हुए थे लेकिन आहर्ता पूरी नहीं होने के कारण आवेदनों को रिजेक्ट कर दिया गया था। इन दलों को ये पता लगाने हेतु भेजा गया था कि बिना निबंधन के बिल्डर प्रोजेक्ट बना रहे हैं कि नहीं। दलों के ऐसे 62 प्रोजेक्ट्स की पहचान की जो बिना निबंधन के बनाये गए हैं। इन सभी पर स्वप्रेरित (suo motu)  कारवाई शुरू की जा रही एवं नवीनतम तकनीक के प्रयोग द्वारा पुख्ता सबूत भी प्राप्त किये जा रहे हैं ताकि कानून तोड़ने वालों के विरध सख्त से सख्त करवाई की जा सके।