बिहार में स्वास्थ्य की नई क्रांति, डॉ. निरुपम सिन्हा के नाम दर्ज हुई बड़ी उपलब्धि

Bihar News: बिहार के चिकित्सा जगत में ऐतिहासिक सफलता। डॉ. निरुपम सिन्हा को OSSICON 2026 में फैकल्टी के रूप में आमंत्रित किया गया, जिससे बैरिएट्रिक और मेटाबोलिक सर्जरी के क्षेत्र में छोटे शहरों में भी विशेषज्ञ उपचार की उम्मीद जगी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 06, 2026, 6:14:26 PM

बिहार में स्वास्थ्य की नई क्रांति, डॉ. निरुपम सिन्हा के नाम दर्ज हुई बड़ी उपलब्धि

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Bihar News: बिहार की राजधानी पटना में स्थित नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. निरुपम सिन्हा ने बैरिएट्रिक और मेटाबोलिक सर्जरी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्हें हाल ही में अहमदाबाद में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन OSSICON 2026 में फैकल्टी के रूप में आमंत्रित किया गया। यह उपलब्धि इसलिए विशेष है क्योंकि बिहार से पहली बार किसी डॉक्टर को इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में फैकल्टी के रूप में शामिल होने का अवसर मिला है, जो पूरे राज्य के लिए गौरव की बात है।


OSSICON 2026 सम्मेलन 26 से 28 फरवरी तक आयोजित हुआ। इस सम्मेलन में देशभर के विशेषज्ञ डॉक्टर और सर्जन शामिल हुए। डॉ. निरुपम सिन्हा ने इस मौके पर छोटे शहरों और कस्बों में बैरिएट्रिक सर्जरी को सफलतापूर्वक शुरू करने के तरीके पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि किस तरह टीम बनाई जाए, मरीजों को जागरूक किया जाए और सर्जरी को लंबे समय तक सुरक्षित रूप से चलाया जा सके। साथ ही उन्होंने अपने सर्जरी का एक वीडियो भी दिखाया, जिसे वहां मौजूद वरिष्ठ डॉक्टरों ने बहुत सराहा।


डॉ. सिन्हा ने कहा कि यह सम्मान सिर्फ उनका नहीं है, बल्कि पूर्वी भारत के मेडिकल क्षेत्र की प्रगति का भी परिचायक है। उनका मानना है कि बेहतर सर्जरी सेवाओं का विस्तार केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी मरीजों को समान गुणवत्ता की स्वास्थ्य सुविधा मिलनी चाहिए।


बता दें कि AIIMS पटना ने भी डॉ. निरुपम सिन्हा को अपने साथ काम के लिए आमंत्रित किया है। उनके मार्गदर्शन में AIIMS पटना की टीम ने हाल ही में 110 किलो वजन वाली महिला की सफल बैरिएट्रिक सर्जरी की, जो राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इसके अलावा, 16 दिसंबर को डॉ. सिन्हा ने 195 किलो वजन वाले मरीज की बैरिएट्रिक सर्जरी भी सफलतापूर्वक की थी, जो अब तक बिहार का सबसे ज्यादा वजन वाला मरीज माना जा रहा है।


डॉ. निरुपम सिन्हा के प्रयासों की सराहना बड़ी हस्तियों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने भी की है। उन्होंने बिहार और झारखंड में नई और बेहतर बैरिएट्रिक सर्जरी सेवाओं को शुरू करने और उन्हें सफल बनाने के उनके प्रयासों को ऐतिहासिक बताया। पहले यह काम असंभव लगता था, लेकिन अब यह संभव हो गया है। इसके चलते मरीजों को इलाज के लिए दूर-दराज के बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। वे अपने नजदीकी शहरों में ही बेहतर इलाज और विशेषज्ञ सर्जरी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।