1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 06, 2026, 5:29:38 PM
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UPSC Result 2025: “कोशिश कर, हल निकलेगा; आज नहीं तो कल निकलेगा। अर्जुन के तीर सा साध, मरुस्थल से भी जल निकलेगा…” कवि आनंद परम की इन पंक्तियों को सच कर दिखाया है बिहार के समस्तीपुर जिले के अभिषेक चौहान ने। उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा में 102वीं रैंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले और राज्य का नाम रोशन किया है।
अभिषेक चौहान मूल रूप से बिहार के समस्तीपुर जिले के महदीनगर प्रखंड स्थित राजा जान गांव के निवासी हैं। परिणाम घोषित होने के बाद उनके घर और गांव में खुशी का माहौल देखने को मिला। परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और परिचितों के साथ-साथ क्षेत्र के लोगों ने भी उनकी इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया और उन्हें बधाइयां दीं।
अभिषेक चौहान का परिवार शिक्षा से जुड़ा हुआ है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी पढ़ाई और व्यक्तित्व पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उनके पिता प्रोफेसर अभय कुमार सिंह शिक्षा जगत से जुड़े हुए हैं। वे बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में प्राध्यापक रहे हैं और वर्तमान में नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी में रजिस्ट्रार के पद पर कार्यरत हैं। वहीं उनकी माता अनुराधा राजपूत एक गृहिणी हैं, जिन्होंने हमेशा अपने बेटे को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया और हर परिस्थिति में उनका मनोबल बढ़ाया। परिवार के सहयोग और मार्गदर्शन ने अभिषेक की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अभिषेक चौहान की प्रारंभिक शिक्षा पश्चिम बंगाल के पुरुलिया स्थित आरके मिशन स्कूल से हुई। यहीं से उन्होंने दसवीं कक्षा की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वे बिहार लौट आए और हाजीपुर के गुरु वशिष्ठ स्कूल से बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। स्कूली शिक्षा के दौरान ही उन्होंने पढ़ाई में अपनी प्रतिभा का परिचय देना शुरू कर दिया था।
बारहवीं कक्षा के बाद अभिषेक ने उच्च शिक्षा के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) में प्रवेश लिया, जो देश के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक है। आईआईटी में उन्होंने जियोलॉजी विषय में इंटीग्रेटेड एमटेक की पढ़ाई की और सफलतापूर्वक अपनी डिग्री प्राप्त की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ समय तक एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम भी किया। हालांकि, नौकरी के दौरान ही उन्होंने महसूस किया कि वे समाज के लिए व्यापक स्तर पर योगदान देना चाहते हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने का निर्णय लिया और अपनी नौकरी छोड़ दी।
इसके बाद अभिषेक ने पूरी लगन और समर्पण के साथ यूपीएससी की तैयारी शुरू की। जानकारी के अनुसार उन्होंने अपनी तैयारी का अधिकांश हिस्सा स्वाध्याय के माध्यम से किया। वे हाजीपुर में रहकर नियमित रूप से पढ़ाई करते थे और एक व्यवस्थित अध्ययन योजना का पालन करते थे। उन्होंने पाठ्यक्रम के विभिन्न विषयों का गहन अध्ययन किया और साथ ही पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का लगातार अभ्यास किया, जिससे उन्हें परीक्षा के पैटर्न को समझने में काफी मदद मिली।
सिविल सेवा परीक्षा के इंटरव्यू चरण की तैयारी के लिए उन्होंने कुछ विशेषज्ञों और अनुभवी लोगों से मार्गदर्शन भी लिया। उनकी मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास का परिणाम यह रहा कि उन्होंने परीक्षा के तीनों चरण—प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार—को सफलतापूर्वक पार कर लिया।
अंतिम परिणाम घोषित होने पर अभिषेक चौहान ने 102वीं रैंक हासिल की, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। उनकी यह सफलता उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है जो सिविल सेवा में जाने का सपना देखते हैं। यह साबित करता है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और उसके लिए निरंतर मेहनत की जाए, तो सफलता अवश्य मिलती है।
अभिषेक की इस उपलब्धि से उनके परिवार, रिश्तेदारों और क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। परिणाम आने के बाद से ही उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।