ब्रेकिंग
Bihar News : बिहार में पुलिस के हथियारों पर बड़ा फैसला! अब भीड़ के बीच नहीं दिखेगी AK-47, जानिए क्या है नया नियमरोशन आनंद की गिरफ्तारी पर बड़ा मोड़! NHRC ने पटना SSP को चेताया, 3 सितंबर तक मांगा जवाबBihar STET 2026 : बिहार में शिक्षक बनने का मौका, 17 अगस्त से खुलेगा STET का फॉर्म; आवेदन से पहले ये बातें जान लेंBihar weather : बिहार में आज फिर बरसेंगे बदरा! पटना समेत कई जिलों में बारिश का अलर्ट, घर से निकलने से पहले जान लें मौसम का हाल19 अगस्त को राजद का लोक भवन मार्च, छात्रों पर लाठीचार्ज और फायरिंग के विरोध में तेजस्वी यादव का ऐलानBihar News : बिहार में पुलिस के हथियारों पर बड़ा फैसला! अब भीड़ के बीच नहीं दिखेगी AK-47, जानिए क्या है नया नियमरोशन आनंद की गिरफ्तारी पर बड़ा मोड़! NHRC ने पटना SSP को चेताया, 3 सितंबर तक मांगा जवाबBihar STET 2026 : बिहार में शिक्षक बनने का मौका, 17 अगस्त से खुलेगा STET का फॉर्म; आवेदन से पहले ये बातें जान लेंBihar weather : बिहार में आज फिर बरसेंगे बदरा! पटना समेत कई जिलों में बारिश का अलर्ट, घर से निकलने से पहले जान लें मौसम का हाल19 अगस्त को राजद का लोक भवन मार्च, छात्रों पर लाठीचार्ज और फायरिंग के विरोध में तेजस्वी यादव का ऐलान

डस्टबिन और स्ट्रीट लाइट के नाम पर करोड़ों का खेल? गोपालगंज नगर परिषद में गड़बड़ी का आरोप, डीएम से जांच की मांग

Bihar Nagar Parishad scam: गोपालगंज नगर परिषद में खरीद प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं। डस्टबिन, पोल लाइट और स्ट्रीट लाइट की खरीद में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर जिला प्रशासन को आवेदन दिया गया है। अब इस मामले में प्रशासन की ओर

डस्टबिन और स्ट्रीट लाइट के नाम पर करोड़ों का खेल? गोपालगंज नगर परिषद में गड़बड़ी का आरोप, डीएम से जांच की मांग
Ramakant kumar
4 मिनट

Bihar Nagar Parishad scam: गोपालगंज नगर परिषद में वर्ष 2015 से 2022 के बीच डस्टबिन, पोल लाइट और स्ट्रीट लाइट की खरीद को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं. सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाश रंजन ने जिला पदाधिकारी को आवेदन देकर इन खरीद प्रक्रियाओं की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. आवेदन में उन्होंने करोड़ों रुपये की खरीद में कथित अनियमितता का आरोप लगाते हुए कई महत्वपूर्ण अभिलेख और फाइलें उपलब्ध नहीं होने का भी मुद्दा उठाया है.


डीएम को सौंपे गए आवेदन में प्रकाश रंजन ने कहा है कि वर्ष 2015 से 2022 तक नगर परिषद की ओर से की गई विभिन्न खरीद का महालेखाकार द्वारा ऑडिट कराया गया था. उनका कहना है कि ऑडिट के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी. कई जरूरी अभिलेख और संबंधित फाइलें उपलब्ध नहीं होने का हवाला भी सामने आया, जिसके बाद खरीद प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं.


आवेदन में डस्टबिन, पोल लाइट और स्ट्रीट लाइट की खरीद से जुड़े पूरे रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की गई है. आवेदनकर्ता ने प्रशासन से यह पता लगाने की मांग की है कि इन सामानों की खरीद के लिए अलग-अलग समय पर कब-कब निविदाएं जारी की गईं और निविदा प्रक्रिया में कितनी एजेंसियों ने हिस्सा लिया.


इसके साथ ही किस एजेंसी को काम सौंपा गया, खरीद के लिए कितनी राशि का भुगतान किया गया और खरीदे गए सामान को नगर परिषद क्षेत्र में किन-किन स्थानों पर लगाया गया, इसकी भी विस्तृत जांच कराने की मांग की गई है.


प्रकाश रंजन का कहना है कि खरीद से जुड़े सभी दस्तावेजों, भुगतान और सामान के इस्तेमाल की जांच होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पूरी प्रक्रिया नियमों के अनुसार हुई थी या इसमें किसी तरह की वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता हुई.


सामाजिक कार्यकर्ता ने अपने आवेदन में नगर विकास एवं आवास विभाग के 13 अप्रैल 2026 के पत्र का भी उल्लेख किया है. उनके अनुसार, विभाग की ओर से नगर परिषद गोपालगंज में कथित अनियमितताओं की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था.


आवेदनकर्ता का आरोप है कि विभागीय स्तर से निर्देश जारी होने के बावजूद अब तक मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है. इसी को लेकर उन्होंने जिला प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच आगे बढ़ाने की मांग की है.


आवेदन में खरीद से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और फाइलें उपलब्ध नहीं होने को भी गंभीर मामला बताया गया है. आवेदनकर्ता ने कहा है कि यदि खरीद प्रक्रिया से संबंधित मूल अभिलेख ही उपलब्ध नहीं हैं तो पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है.


उन्होंने जिला पदाधिकारी से नगर परिषद की संबंधित फाइलों, निविदा प्रक्रिया, भुगतान से जुड़े दस्तावेज और सामान की वास्तविक उपलब्धता एवं उपयोग की जांच कराने की मांग की है.


प्रकाश रंजन ने डीएम से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और जांच के दौरान किसी भी तरह की वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता सामने आने पर संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है.

गोपालगंज से नमो नारायण मिश्रा की रिपोर्ट