Bihar police : इनकम का हिसाब दो वरना ...! गृह विभाग ने अपने 9 अफसरों को भेजा नोटिस; हर हाल में इस डेट तक देना होगा ब्यौरा

बिहार सरकार ने पुलिस और सैन्य पुलिस कर्मियों को 31 दिसंबर 2025 तक अपनी संपत्ति और देनदारियों की रिपोर्ट जमा करने का कड़ा आदेश जारी किया।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 06, 2026, 3:56:53 PM

Bihar police : इनकम का हिसाब दो वरना ...! गृह विभाग ने अपने 9 अफसरों को भेजा नोटिस; हर हाल में इस डेट तक देना होगा ब्यौरा

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Bihar police : बिहार सरकार के गृह विभाग ने राज्य की पुलिस और सैन्य पुलिस इकाइयों के उन अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है जिन्होंने अब तक अपनी चल और अचल संपत्ति तथा देनदारियों का विवरण जमा नहीं किया है। इस संदर्भ में गृह विभाग ने सभी संबंधित इकाइयों को रिमाइंडर नोटिस जारी करते हुए अविलंब रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।


गृह विभाग के संयुक्त सचिव नवीन चन्द्र द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को 31 दिसंबर 2025 की स्थिति के आधार पर अपनी संपत्ति और देनदारियों की विवरणी प्रस्तुत करनी थी। हालांकि, पूर्व में सामान्य प्रशासन और गृह विभाग द्वारा कई बार जारी किए गए निर्देशों और पत्रों के बावजूद, संलग्न सूची में शामिल कई कार्यालयों ने अब तक अपेक्षित रिपोर्ट नहीं जमा की है। इसके बाद अब इनलोगों को 15 मार्च 2026 तक का समय वापस से दिया गया है।


सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नौ प्रमुख पुलिस इकाइयों और निदेशालयों को सीधे तौर पर चिन्हित किया है। इन इकाइयों में शामिल हैं:


महानिरीक्षक, आर्थिक अपराध इकाई


सहायक महानिरीक्षक, बिहार सैन्य पुलिस और रेलवे


बिहार पुलिस अकादमी के सहायक निदेशक (स्थापना)


पुलिस अधीक्षक, वायरलेस


इसके अतिरिक्त, सरकार ने सैनिक कल्याण निदेशालय, विशेष शाखा, और बिहार सैन्य पुलिस की 05 व 14 बटालियन के पुलिस उपाधीक्षकों से भी रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।


संयुक्त सचिव नवीन चन्द्र ने निर्देश दिया है कि संबंधित विभागों के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी (DDO) सुनिश्चित करें कि उनके अंतर्गत कार्यरत सभी कर्मियों की संपत्ति और देनदारियों की विवरणी हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी दोनों रूपों में तत्काल उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही यह आदेश गृह विभाग के आईटी प्रबंधक को भी भेजा गया है ताकि रिपोर्ट को विभागीय वेबसाइट पर अपलोड कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।


गृह विभाग ने इस कदम को राज्य में प्रशासनिक और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा है। विभाग ने चेतावनी दी है कि जो अधिकारी या कर्मी अभी तक अपनी संपत्ति और देनदारियों की रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।


विशेष रूप से, आर्थिक अपराधों और भ्रष्टाचार रोकथाम के प्रयासों को सुदृढ़ करने के लिए यह पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस और सैन्य पुलिस कर्मियों के लिए यह निर्देश यह सुनिश्चित करता है कि उनकी व्यक्तिगत संपत्ति और देनदारियों का पूरा विवरण विभागीय रिकॉर्ड में दर्ज हो और किसी भी वित्तीय अनियमितता की पहचान समय पर की जा सके।


अधिकारियों और कर्मचारियों को यह भी निर्देशित किया गया है कि वे अपनी विवरणी जमा कराने में विलंब न करें और इसे नियत समय में विभाग को सौंपें। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रक्रिया न केवल पारदर्शिता बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि विभागीय संचालन में विश्वसनीयता और जवाबदेही भी सुनिश्चित करेगी।


गृह विभाग की इस कार्रवाई से यह भी संकेत मिलता है कि बिहार सरकार कर्मचारियों और अधिकारियों के संपत्ति विवरण की नियमित निगरानी पर जोर दे रही है। इससे भविष्य में किसी भी प्रकार के वित्तीय अनुचित कार्य या अनियमितताओं को रोकने में मदद मिलेगी।


सूत्रों के अनुसार, राज्य के विभिन्न पुलिस विंग और सैन्य पुलिस इकाइयों में इस आदेश के पालन की प्रक्रिया जल्द शुरू हो जाएगी। विभाग के अधिकारी कह रहे हैं कि जो कर्मचारी या अधिकारी रिपोर्ट प्रस्तुत करने में सफल होते हैं, उनके लिए कोई दंड नहीं होगा, लेकिन जो इसमें असफल रहते हैं, उनके खिलाफ कड़ा अनुशासनात्मक रुख अपनाया जाएगा।


बिहार सरकार की यह पहल लोक प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और वित्तीय अनुशासन बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे न केवल विभागीय कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि आम जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही भी सुदृढ़ होगी।


इस प्रकार, बिहार के गृह विभाग द्वारा जारी यह निर्देश राज्य के पुलिस और सैन्य पुलिस कर्मियों के लिए एक सख्त चेतावनी और जिम्मेदारी का संदेश है, जो सभी अधिकारी और कर्मचारी अब तक अनदेखी कर चुके संपत्ति और देनदारियों की रिपोर्ट तुरंत प्रस्तुत करें।