पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल का रद्द होगा लाइसेंस, नीट छात्रा मामले में DGP का एक्शन

नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल का लाइसेंस रद्द किया जाएगा। हॉस्टल संचालिका पर भी कार्रवाई की जाएगी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Wed, 04 Feb 2026 10:15:50 PM IST

bihar

एक्शन में DGP - फ़ोटो social media

PATNA: इस वक्त की बड़ी खबर राजधानी पटना से आ रही है, जो नीट छात्रा की संदिग्ध मौत से जुड़ी हुई है। जिस हॉस्टल में नीट की छात्रा रहकर मेडिकल की तैयारी कर रही थी। पटना के उस शंभू गर्ल्स हॉस्टल के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। शंभू हॉस्टल का लाइसेंस को रद्द किया जाएगा। इसके साथ ही हॉस्टल संचालिका पर भी कार्रवाई की जाएगी। इस बात की जानकारी बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने दी है। इसे हॉस्टल संचालक की लापरवाही बताई गयी है। 


जहानाबाद की छात्रा की पटना में संदिग्ध मौत के बाद अब पटना के चित्रगुप्त स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल पर एक्शन की तैयारी हो रही है। इस हॉस्टल का अब लाइसेंस रद्द किया जाएगा। वही हॉस्टल की संचालिका के ऊपर भी कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि नीट छात्रा के परिजनों ने रेप के बाद बेटी की हत्या किये जाने का आरोप लगाया था। जिसके बाद पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। लेकिन जब विवाद बढ़ने लगा तब इस मामले को सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया। अब इस मामले की जांच सीबीआई करेगी। 


बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि हॉस्टल के मालिक और संचालिका ने सही समय पर पुलिस को इस घटना के संबंध में सूचना नहीं दी थी। जबकि हॉस्टल प्रशासन की यह जिम्मेदारी बनती है कि कोई भी घटना हो उसकी जानकारी थाने को दें लेकिन इस मामले में इन लोगों ने लापरवाही बरती। डीजीपी ने बताय कि शंभू गर्ल्स हॉस्टल की संचालिका अब पटना में कोई भी हास्टल का संचालन नहीं कर सके यह पुलिस सुनिश्चित करेगी। पुलिस को इस मामले की जानकारी हॉस्पिटल से मिली थी जबकि हॉस्टल मैनेजमेंट को इसकी सूचना देनी चाहिए थी। 


पटना में नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद बिहार सरकार ने राज्यभर के गर्ल्स हॉस्टल और लॉज की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि महिलाओं को समान अवसर और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है और उनकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसी उद्देश्य से गृह विभाग द्वारा गर्ल्स हॉस्टल और लॉज के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।


उपमुख्यमंत्री ने कहा कि समाज के विकास और महिला सशक्तिकरण के लिए जरूरी है कि बालिकाएं और महिलाएं शिक्षित, आत्मनिर्भर और सुरक्षित वातावरण में रहें। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि महिलाओं को स्कूल, कॉलेज, कार्यस्थल और आवासीय स्थलों पर पूरी सुरक्षा मिले।


हॉस्टल और लॉज के लिए अनिवार्य होंगे ये नियम

सम्राट चौधरी ने बताया कि राज्य में संचालित सभी गर्ल्स हॉस्टल और लॉज का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। प्रत्येक थाना क्षेत्र में स्थित हॉस्टलों का पूरा विवरण संबंधित महिला हेल्प डेस्क के पास रखा जाएगा, ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि सभी गर्ल्स हॉस्टलों और लॉज में 24 घंटे महिला वार्डन की नियुक्ति अनिवार्य होगी। इसके साथ ही वार्डन, गार्ड, रसोइया और सफाईकर्मी सहित सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन जरूरी किया गया है।


सीसीटीवी, प्रवेश नियंत्रण और सख्त निगरानी

सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हॉस्टल के मुख्य गेट, गलियारों, डायनिंग एरिया और पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों की रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखी जाएगी। हॉस्टल के कमरों वाले हिस्से में पुरुषों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।


इसके अलावा हॉस्टलों में पर्याप्त रोशनी, साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था, मजबूत दरवाजे और ताले तथा खिड़कियों में लोहे की जाली अनिवार्य होगी। हॉस्टल में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर और आधार विवरण विजिटर रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा। रात के समय छात्राओं और स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लगाने पर भी जोर दिया गया है।


आपात स्थिति के लिए विशेष व्यवस्था

आपात हालात से निपटने के लिए हॉस्टलों में 112 नंबर, स्थानीय थाना, महिला हेल्प डेस्क और अभया ब्रिगेड की जानकारी वाले पोस्टर लगाए जाएंगे। छात्राओं को 112 इंडिया ऐप के सुरक्षा फीचर्स की जानकारी और प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस, महिला हेल्प डेस्क और अभया ब्रिगेड संयुक्त रूप से हॉस्टलों की नियमित जांच करेंगे। किसी भी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि की सूचना मिलने पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इन निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।