NEET छात्रा की मौत मामला: CBI जांच की सिफारिश के बीच परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप, बोले- धमका रहे पुलिस के आला अधिकारी

NEET Student Death Case: पटना के शंभू हॉस्टल में नीट छात्रा की मौत मामले में परिजनों ने पुलिस के आला अधिकारियों पर धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस की नाकामी के बाद सरकार ने केस सीबीआई को ट्रांसफर किया।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Sat, 31 Jan 2026 02:10:19 PM IST

NEET Student Death Case

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NEET Student Death Case: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहनेवाली जहानाबाद की छात्रा की मौत के मामले की जांच कर रही बिहार पुलिस की एसआईटी निकम्मी साबित हो गई है। एसआईटी की जांच में कोई नतीजा सामने नई आता देख सरकार ने पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का एलान कर दिया है। इस बीच छात्रा के परिजनों ने पुलिस के आला अधिकारियों पर धमकाने का आरोप लगाया है।


बिहार सरकार द्वारा इस मामले की सीबीआई जांच के लिए सिफारिश करने के बाद नीट छात्रा के परिजनों का बयान सामने आया है। परिजनों का कहना है कि पूरे मामले में जो काम पटना पुलिस की एसआईटी कर रही थी वही काम सीबीआई भी करेगी। उनका कहना है कि उन्होंने कभी भी सीबीआई जांच की मांग नहीं की है और पुलिस की नाकामी के बाद सरकार ने अपना चेहरा बचाने के लिए सीबीआई जांच की सिफारिश की है।


मृतक छात्रा के भाई ने मीडिया से बातचीत के दौरान पुलिस के आला अधिकारियों पर धमकाने का आरोप लगाया है। छात्रा के भाई का कहना है कि पुलिस के आला अधिकारी उनके ऊपर दबाव बना रहे थे कि वह मान लें कि छात्रा ने सुसाइड किया है और जब परिजनों ने इससे इनकार कर दिया तो पुलिस के आला अधिकारियों ने उन्हें धमकी दी कि अगर वह नहीं मानेंगे तो मामले की जांच का जिम्मा सीबीआई को दे दिया जाएगा और उसके बाद सालों तक न्याय का उन्हें इंतजार करना पड़ेगा।


नीट छात्रा के भाई ने कहा कि हम लोगों की तरफ से कभी भी सीबीआई जांच की मांग नहीं की गई थी। जिस तरह से बिहार पुलिस लीपापोती कर रही थी, उसको देखते हुए हमलोग शुरू से ही मांग कर रहे थे कि केस की न्यायिक जांच हो। अब सभी साक्ष्यों को मिटाकर बिहार पुलिस और सरकार के द्वारा केस सीबीआई को ट्रांसफर किया जाएगा तो क्या इंसाफ मिल सकेगा।


उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के डीजीपी ने हमलोगों को धमकाया और कहा कि ठीक है हम केस को ट्रांसफर कर देते हैं सीबीआई को और सीबीआई आपलोगों को दौड़ाते रहेगी। दो साल तक दौड़ते रहिएगा और उसके बाद और जब थक जाइएगा तो बताइएगा कि क्या हुआ। हमलोगों को सीबीआई पर भरोसा था लेकिन अब नहीं है। जिस तरह से एसआईटी ने काम किया है उसी तरह से सीबीआई भी करेगी। पूरा साक्ष्य मिटाने के बाद बिहार पुलिस केस को सीबीआई को ट्रांसफर करने की बात कर रही है।

रिपोर्ट- प्रेम राज, पटना