Bihar Bhumi: डिप्टी सीएम ने CO के एक और खेल को पकड़ा, ऐलान- गलत मंशा से दाखिल खारिज आवेदन रिजेक्ट करने वाले सीओ को सरकार कर देगी रिजेक्ट

बिहार में भूमि सुधार और जमीन से जुड़े मामलों को लेकर डिप्टी मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि अगर मार्च तक जमीन से संबंधित शिकायतों और दाखिल-खारिज आवेदन म

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 31 Jan 2026 02:39:02 PM IST

Bihar Bhumi: डिप्टी सीएम ने CO के एक और खेल को पकड़ा, ऐलान- गलत मंशा से दाखिल खारिज आवेदन रिजेक्ट करने वाले सीओ को सरकार कर देगी रिजेक्ट

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Bihar Bhumi: बिहार में भूमि सुधार और जमीन से जुड़े मामलों में डिप्टी मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा का सख्त रुख देखने को मिला। दरभंग में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि भूमि विवाद, दाखिल-खारिज और दखल-कब्जा जैसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डिप्टी सीएम ने कहा कि मार्च महीने तक अगर जमीन से संबंधित शिकायतों और आवेदन निपटान में सुधार नहीं हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उनका यह तेवर अधिकारियों और जमीन से जुड़े सिस्टम में सुधार की तत्काल आवश्यकता का संकेत है।


कार्यक्रम में एक फरियादी ने यह शिकायत दर्ज कराई कि उन्होंने 2022 में जमीन से जुड़े मामले में आवेदन किया था, लेकिन अब तक उसका निपटान नहीं हुआ। इस पर डिप्टी सीएम ने मामले की गंभीरता को समझते हुए CO द्वारा दाखिल-खारिज आवेदन में गड़बड़ी पकड़ ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी जो सिस्टम में खेल कर आवेदन रिजेक्ट कर रहे हैं।


डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी का नाम गलती से बदल दिया गया हो या आवेदन लंबित हो, तो मामले की पुरानी हिस्ट्री का अवलोकन करके उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी के भविष्य के साथ खिलवाड़ या गलत हस्तक्षेप कतई सहन नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही अधिकारियों से कहा गया कि दाखिल-खारिज और जमीन से जुड़े सभी मामले समय पर निपटाएं और आवेदन रिजेक्ट करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल अवश्य करें।


इस कार्यक्रम में डिप्टी सीएम का रवैया साफ था कि भूमि विवाद और जमीन के मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर प्रक्रिया में सुधार नहीं हुआ तो सरकारी स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम बिहार सरकार की जमीन संबंधी मामलों में जवाबदेही और भ्रष्टाचार रोकने की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।


अधिकारियों और आम जनता दोनों के लिए यह स्पष्ट संदेश है कि भूमि और जमीन के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डिप्टी सीएम की इस सख्त नीति से यह उम्मीद है कि लंबित और अटका हुआ मामलों का निपटान तेजी से होगा और जनता को राहत मिलेगी।