1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Sat, 31 Jan 2026 02:48:34 PM IST
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Bihar Politics: किशनगंज से AIMIM विधायक अख्तरुल ईमान ने तेज आवाज में अजान और धार्मिक परंपराओं पर सवाल उठाए हैं। अपने हालिया बयानों को लेकर अख्तरुल ईमान चर्चा में हैं। उन्होंने तेज आवाज में अजान देने को मुनासिब न मानते हुए मुसलमानों को इस मामले में हिदायत दी है।
एक समाचार चैनल से बातचीत में अख्तरुल ईमान ने कहा कि हमारे मोहल्ले में 500 मीटर के दायरे में रहने वाले लोग मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए आते हैं, लेकिन अजान इस तरह दी जाती है कि ऐसा लगता है जैसे आवाज 3 किलोमीटर दूर तक जा रही हो। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में इस तरह ऊंची आवाज में अजान देना उचित नहीं है।
अख्तरुल ईमान ने अजान का असली मकसद भी बताया। उन्होंने कहा कि अजान का मकसद नमाज के वक्त का ऐलान, मस्जिद की तरफ बुलावा और अल्लाह की ओर आने का पैगाम देना है। आजकल अजान देने के कई तरीके अपनाए जा रहे हैं, लेकिन सामाजिक परिस्थितियों और इस्लामी तालीमात को देखते हुए इसे इस तरह देना उचित नहीं है।
इसके अलावा उन्होंने मुसलमानों की जीवनशैली और खान-पान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यहां के लोगों की दावतों का ढंग अच्छा नहीं है। खाने-पीने की कोई निश्चित टाइमिंग नहीं है। दिन का बना हुआ खाना बाराती रात के 12 बजे जाकर खा रहे हैं। बारात दिन को आई तो लोग मौलवी के पास जाकर खा रहे हैं। हमारे शरीर के सिस्टम के मुताबिक खाने, सोने और जगने का टाइम होना चाहिए।
अख्तरुल ईमान ने रात के 2 बजे होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि रात के 2 बजे खुदा को याद करना ठीक है, लेकिन जहां लोग इकट्ठा होते हैं, वहां इस तरह के मजलिस वाले कार्यक्रमों पर रोक लगनी चाहिए। उनके बयान के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स उनकी तुलना पाकिस्तानी स्कॉलर तारिक मसूद से कर रहे हैं। यह बयान उन्हें Y सुरक्षा मिलने के दो दिन बाद आया है।