1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 31 Jan 2026 02:10:52 PM IST
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बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री सह उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा इन दिनों राज्यभर में भूमि जनसंवाद कार्यक्रम के माध्यम से आम लोगों की समस्याएं सीधे सुन रहे हैं। इस दौरान उनका सख्त और दो-टूक अंदाज देखने को मिल रहा है। जमीन से जुड़े मामलों में लापरवाही, भ्रष्टाचार और टालमटोल की शिकायतों पर डिप्टी CM ने साफ कहा है कि अब “लटकाओ-भटकाओ” की नीति नहीं चलेगी। मार्च तक का समय दिया गया है, उसके बाद भी सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई तय है।
दरअसल, दरभंगा में आयोजित भूमि जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान विजय सिन्हा के सामने कई गंभीर शिकायतें सामने आईं। यहां लोग दाखिल-खारिज, जमाबंदी और जमीन से जुड़े अन्य मामलों में महीनों-सालों से दफ्तरों के चक्कर काटने की पीड़ा लेकर पहुंचे थे। इसी दौरान दीपा नाम की एक महिला ने भावुक होकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि दाखिल-खारिज के लिए उन्हें एक साल से दौड़ाया जा रहा है। हर बार खर्चे-पानी की मांग की जाती है। महिला ने बताया कि उनके पिता पैरालाइसिस से पीड़ित हैं और परिवार पहले ही काफी परेशान है।
महिला की शिकायत सुनते ही डिप्टी CM विजय सिन्हा ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि अगर कर्मचारी मार्च तक नहीं सुधरे, तो नौकरी चली जाएगी। “बहुत बेरोजगार लोग बाहर खड़े हैं,” यह कहते हुए उन्होंने साफ संकेत दिया कि सरकार किसी को बख्शने के मूड में नहीं है। महिला रोते हुए बोली कि अधिकारी उनकी कोई बात नहीं सुनते। इस पर विजय सिन्हा ने उसे आश्वासन दिया कि उसका काम होगा। संबंधित अंचलाधिकारी (CO) को निर्देश देते हुए उन्होंने महिला को पूरे कागजात के साथ सोमवार को बुलाने को कहा। बाद में महिला ने कहा कि डिप्टी CM से बात होने के बाद अब उसे उम्मीद है कि समस्या का समाधान होगा।
जनसंवाद के दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति ने भी अपनी पीड़ा सामने रखी। उन्होंने कहा कि अधिकारी उनकी जमाबंदी नहीं कर रहे हैं। इस पर विजय सिन्हा ने संबंधित अधिकारी से पूछा कि वह कितने साल से पद पर हैं। अधिकारी ने जवाब दिया—दो साल से। बुजुर्ग ने नाराज होकर कहा, “मैं मूर्ख हूं सर, जो यहां आया हूं।” इस पर डिप्टी CM ने बुजुर्ग को ढांढस बंधाते हुए कहा कि आप मूर्ख नहीं, बल्कि समझदार हैं, इसलिए अपनी बात कहने आए हैं।
विजय सिन्हा ने इस मौके पर जिलाधिकारी (DM) को भी सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गरीबों को परेशान करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। सभी शिकायतों की टीम बनाकर जांच कराई जाए और रिपोर्ट तैयार कर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक जिले की समस्या नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम की बीमारी है, जिसका इलाज किया जाएगा।
डिप्टी CM ने इससे पहले मंच से लोगों से यह भी पूछा कि सरकार द्वारा जारी टोल-फ्री नंबर पर क्या वे शिकायत दर्ज करा पा रहे हैं। लोगों ने बताया कि कई बार नंबर लगता ही नहीं है। इस पर विजय सिन्हा ने मंच से ही लोगों से नंबर मिलाने को कहा। कुछ लोगों का कॉल लग गया, जबकि कुछ का नहीं लगा। इस पर उन्होंने तत्काल एक और नया नंबर जारी करने की घोषणा की, ताकि शिकायतों का रास्ता बंद न हो।
अपने संबोधन में विजय सिन्हा ने साफ कहा, “बीमारी अगर लंबी है, तो इलाज भी लंबा चलेगा, लेकिन सब ठीक हो जाएगा।” उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि मसौढ़ी के CO को बर्खास्त कर दिया गया है, जो एक लाख रुपये घूस लेते पकड़ा गया था। उन्होंने कहा, “अब मौसम बदला है।” यह बयान साफ तौर पर संकेत देता है कि राज्य सरकार भूमि सुधार और भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के मूड में है।
कुल मिलाकर, विजय कुमार सिन्हा का यह जनसंवाद कार्यक्रम न सिर्फ आम लोगों के लिए उम्मीद की किरण बना है, बल्कि अफसरशाही के लिए एक कड़ा संदेश भी है कि अब लापरवाही और भ्रष्टाचार की कोई जगह नहीं बचेगी।