दरभंगा कोर्ट का फैसला: 32 साल पुराने हत्याकांड मामले में पूर्व लोक अभियोजक समेत 5 को आजीवन कारावास की सजा

दरभंगा व्यवहार न्यायालय ने 32 वर्ष पुराने दोहरे हत्याकांड में पूर्व लोक अभियोजक सहित पांच अभियुक्तों को आजीवन कारावास और 5-5 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 31 Jan 2026 02:36:53 PM IST

bihar

दरभंगा व्यवहार न्यायालय का फैसला - फ़ोटो REPORTER

DARBHANGA: दरभंगा व्यवहार न्यायालय के जिला अपर सत्र न्यायाधीश-3 सुमन कुमार दिवाकर की अदालत ने 32 वर्ष पुराने हत्या के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने चर्चित अधिवक्ता अंबर इमाम हासमी, पूर्व लोक अभियोजक कौशर इमाम हासमी सहित पांच अभियुक्तों को आजीवन कारावास एवं प्रत्येक पर पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।


लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि यह फैसला सत्रवाद संख्या 320/2010 एवं 326/1999 में सुनाया गया। मामला 8 अगस्त 1994 का है, जब बसंत गांव में तालाब पर पशु को पानी पिलाने के दौरान रामपुकार चौधरी एवं ग्रामीणों पर अंधाधुंध फायरिंग की गई थी। इस घटना में दो लोगों की मौत हुई थी, एक की मौत डीएमसीएच में इलाज के दौरान हो गयी जबकि दूसरे की मौत कुछ दिनों बाद इलाज के दौरान हो गई थी।


इस मामले में वर्ष 1994 में कुल 13 नामजद एवं 10–12 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अनुसंधान के दौरान एक अभियुक्त रंगदार हासमी फरार हो गया था। पुलिस ने कुल 12 अभियुक्तों के खिलाफ आरोपपत्र समर्पित किया था। गवाही के दौरान दो अन्य अभियुक्त भी फरार हो गए, जिनका ट्रायल अलग कर दिया गया।


अदालत ने शेष बचे पांच अभियुक्तों को आजीवन कारावास के साथ पांच लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा नहीं करने की स्थिति में उन्हें एक वर्ष की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।