Patna NEET case : NEET छात्रा मौत मामला: आधी रात SP ने फोन करवा परिजन को बुलाया,सुबह भागते -भागते SP ऑफिस पहुंचे परिजन; पर यहां तो...

NEET छात्रा मौत मामले में फुफेरे भाई ने SP पर गंभीर आरोप लगाए। आधी रात को बुलाया, सुबह एग्जाम होने के बावजूद पूछताछ की गई। परिवार ने CBI जांच की मांग की।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 30 Jan 2026 12:48:36 PM IST

Patna NEET case : NEET छात्रा मौत मामला: आधी रात SP ने फोन करवा परिजन को बुलाया,सुबह भागते -भागते SP ऑफिस पहुंचे परिजन; पर यहां तो...

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Patna NEET case : पटना में NEET परीक्षा की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले ने फिर से सुर्खियां बटोरी हैं। इस मामले में मृतका के फुफेरे भाई ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि मामले की जांच में केवल पीड़ित परिवार को ही परेशान किया जा रहा है, जबकि जिन लोगों से वास्तविक रूप से पूछताछ होनी चाहिए, उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही।


फुफेरे भाई को ईस्ट एसपी कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया गया। उन्होंने बताया कि बीती रात करीब 11 बजे उन्हें फोन आया, जिसमें एक महिला अधिकारी ने कहा कि एसपी साहब ने तुरंत बुलाया है। जब उन्होंने बताया कि उनकी परीक्षा है, तो उन्हें जवाब मिला कि “कुछ भी हो, आपको आना ही पड़ेगा, सर का आदेश है।” इसके बाद उन्होंने 110 किलोमीटर की दूरी तय कर बाइक से पटना पहुंचकर कार्यालय में उपस्थित हुए। लेकिन जब वे पहुंचे, तो एसपी कार्यालय में किसी भी अधिकारी की उपस्थिति नहीं थी। फुफेरे भाई ने इसे मानसिक प्रताड़ना (मेंटल टॉर्चर) बताते हुए कहा कि यह व्यवहार पीड़ित परिवार के साथ असंवेदनशील और अनुचित है।


उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले में अपराधियों को बचाने और जांच की दिशा भटकाने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि अब तक मृतका के मामा, मामी, माता-पिता, भाई, फुफेरे और चचेरे भाई सहित कई परिजनों के डीएनए टेस्ट कराए जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सच्चाई सामने नहीं लाई जा रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि सही जांच नहीं हुई, तो न्याय की उम्मीद खो जाएगी।


फुफेरे भाई के अनुसार, परिवार पर लगातार दबाव डाला जा रहा है और उन्हें बार-बार अनावश्यक पूछताछ के लिए बुलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस तरह की कार्रवाई से पीड़ित परिवार मानसिक तनाव और शारीरिक थकान का शिकार हो रहा है। उन्होंने इसे एक प्रकार का "मानसिक उत्पीड़न" बताया, जो न्याय प्रक्रिया के प्रति विश्वास को कमजोर कर रहा है।


इस मामले ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार ने राज्य सरकार से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि भरोसेमंद जांच के लिए केस को केंद्रीय जांच एजेंसी CBI को सौंपा जाए, ताकि मृतका को न्याय मिल सके और इस घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां उजागर हो सकें।


गौरतलब है कि छात्रा की मौत के मामले ने शिक्षा और सुरक्षा दोनों के क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। परिवार का कहना है कि NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा की तैयारी कर रही छात्रा के साथ यह न्यायिक लापरवाही न केवल उनके लिए बल्कि अन्य छात्रों और अभिभावकों के लिए भी चिंता का विषय है। फुफेरे भाई का कहना है कि अगर सच्चाई सामने नहीं आई, तो न्याय प्रणाली पर लोगों का भरोसा टूट सकता है।


इस बीच, पुलिस ने इस मामले में आगे की जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन पीड़ित परिवार का कहना है कि जांच में पारदर्शिता न होने के कारण उन्हें पूरा भरोसा नहीं है। परिवार ने बार-बार सरकार और अधिकारियों से अपील की है कि मामले में दोषियों को बचाने की कोशिश न हो और मृतका के परिवार को न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।


अधिकारियों की ओर से अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि मामले की जांच में किन दिशा-निर्देशों का पालन किया जा रहा है और कितनी गंभीरता से जांच की जा रही है। वहीं, परिवार की ओर से CBI जांच की मांग एक बार फिर उठी है, जो इस केस में न्याय पाने के लिए अंतिम विकल्प के रूप में सामने आ रही है।


इस घटना ने समाज और प्रशासन के बीच एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या संवेदनशील मामलों में परिवारों के साथ उचित व्यवहार और न्याय सुनिश्चित किया जा रहा है या नहीं। फुफेरे भाई ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर न्याय नहीं हुआ, तो परिवार कानूनी रास्ते अपनाने से भी पीछे नहीं हटेगा।