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Bihar News: गृह जिला गोपालगंज में समय बिता रहे एक्टर पंकज त्रिपाठी, मां की बरसी में हुए शामिल; गांव में फगुआ गाते दिखे

Bihar News: बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी मां की बरसी पर गोपालगंज के पैतृक गांव बेलसंड पहुंचे, जहां उन्होंने पूजा की और बसंत ऋतु व लोक संस्कृति का आनंद लिया।

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गोपालगंज में एक्टर पंकज त्रिपाठी
© Reporter
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: गोपालगंज जिले के बेलसंड गांव में बॉलीवुड के चर्चित अभिनेता पंकज त्रिपाठी इन दिनों अपने पैतृक गांव में समय बिता रहे हैं। वे पिछले तीन दिनों से गांव में रहकर मां की बरसी के अवसर पर आयोजित पूजा-अर्चना में शामिल हुए और परिवार व ग्रामीणों के साथ भावनात्मक पल साझा किए।


पूजा कार्यक्रम के बाद पंकज त्रिपाठी गांव की गलियों में घूमते नजर आए, जहां उन्होंने बसंत ऋतु की खूबसूरती का भरपूर आनंद लिया। सरसों के पीले फूलों से लहलहाते खेत, हल्की ठंड और सादा ग्रामीण माहौल के बीच वे पूरी तरह गांव के रंग में रंगे दिखे।


देर रात पंकज त्रिपाठी ग्रामीणों के साथ पारंपरिक फगुआ गायन में भी शामिल हुए। वर्षों बाद लोक संस्कृति को इतने करीब से महसूस कर वे भावुक नजर आए। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह यात्रा बहुत आनंददायक रही। बसंत का मौसम है, सरसों के फूल खिले हैं, ठंड है और माहौल बेहद सुंदर है। इस जगह से मेरा गहरा जुड़ाव है, मां-बाबूजी की स्मृतियां जुड़ी हैं। मां की स्मृति में पूजा थी और साथ ही बसंत का आनंद ले रहा हूं। साथियों के साथ फगुआ गाने का अवसर मिला। यह लोक परंपरा धीरे-धीरे लुप्त हो रही है, अगली पीढ़ी को इसे सीखना चाहिए।


पंकज त्रिपाठी ने अपने गांव और मिट्टी से अटूट रिश्ते की बात करते हुए कहा कि मैं जमीन से निकला हूं, जमीन मेरे अंदर से कभी नहीं निकल सकती। यह जुड़ाव जीवनभर बना रहेगा। जी मीडिया के माध्यम से बिहार के सभी लोगों को प्रणाम और बसंत की शुभकामनाएं।


बता दें कि सिनेमा की दुनिया में बड़ी पहचान बनाने के बावजूद पंकज त्रिपाठी का अपनी मिट्टी और लोक संस्कृति से जुड़ाव आज भी वैसा ही है। गोपालगंज के बेलसंड गांव में उनका यह सादा, संवेदनशील और सांस्कृतिक रूप लोगों के दिलों को छू रहा है।

रिपोर्ट- नमो नारायण मिश्रा, गोपालगंज

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