Bihar police : 'अपना भी सीट ब्लेट का चालान कीजिए ...', ग्रामीण सड़क पर पुलिसकर्मी काट रहे थे चालान, युवक ने बताया क्या है नियम -कानून

डुमरिया घाट में पुलिस और युवकों के बीच चालान विवाद गर्मा गया। वायरल वीडियो में दिख रहा है कि युवकों ने पुलिस को सीट बेल्ट न पहनने पर नसीहत दी और जमकर बहस हुई।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 30 Jan 2026 12:00:48 PM IST

Bihar police : 'अपना भी सीट ब्लेट का चालान कीजिए ...', ग्रामीण सड़क पर पुलिसकर्मी काट रहे थे चालान, युवक ने बताया क्या है नियम -कानून

- फ़ोटो

Bihar police : डुमरिया घाट थाना क्षेत्र के एक गांव में पुलिस और स्थानीय युवाओं के बीच चालान को लेकर विवाद गर्मा गया। घटना उस समय हुई जब डुमरिया घाट पुलिस टीम सड़क पर वाहन चालकों के चालान काटने गई। पुलिस का उद्देश्य सड़क नियमों का पालन सुनिश्चित करना था, लेकिन ग्रामीण युवाओं ने पुलिस के इस अभियान का विरोध शुरू कर दिया।


घटना के अनुसार, पुलिस ने गांव में गाड़ी चालकों का निरीक्षण किया और कई वाहनों का फाइन काटा। इसी दौरान कुछ युवकों ने पुलिस गाड़ी को चारों ओर से घेर लिया और पुलिस कर्मियों को जमकर खरी-खोटी सुनाई। युवाओं ने पुलिस के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि गांव में पुलिस जानबूझकर चालान काट रही है और आम लोगों को परेशान किया जा रहा है।


घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें साफ तौर पर देखा जा सकता है कि कुछ युवकों और पुलिस कर्मियों के बीच तीखी नोक-झोंक हो रही है। वीडियो में कुछ युवक पुलिस को सीट बेल्ट न लगाने के लिए नसीहत देते भी नजर आ रहे हैं। युवाओं का कहना है कि पुलिस कर्मी खुद नियमों का पालन नहीं करते हैं, लेकिन आम लोगों पर चालान काटकर दबाव डालते हैं।


वीडियो में युवकों का गुस्सा साफ दिखाई दे रहा है। कई युवकों ने पुलिस पर अभद्र भाषा का भी प्रयोग किया। युवाओं का तर्क था कि अगर पुलिस खुद नियमों का पालन करेगी तो लोगों के साथ अनुचित व्यवहार नहीं होगा। वहीं, पुलिस का कहना है कि उनका काम सड़क नियमों का पालन सुनिश्चित करना है और यह किसी के खिलाफ व्यक्तिगत कार्रवाई नहीं थी।


स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल ही में पुलिस ने चालान अभियान तेज कर दिया है, जिससे ग्रामीणों में असंतोष पैदा हो रहा है। युवाओं का आरोप है कि पुलिस जानबूझकर कुछ खास इलाकों में चालान काटकर लोगों को डराने का काम कर रही है। वहीं पुलिस का कहना है कि अभियान सभी वाहन चालकों के लिए समान रूप से लागू किया जा रहा है।


विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की घटनाओं में दोनों पक्षों को संयम बनाए रखना चाहिए। युवाओं को गुस्से में आकर सार्वजनिक रूप से पुलिस का विरोध करने की बजाय उचित मंच पर अपनी शिकायत दर्ज करनी चाहिए। वहीं पुलिस को भी लोगों के साथ संवाद स्थापित कर नियमों का पालन समझाना चाहिए, ताकि विवाद बढ़ने से रोका जा सके।


घटना ने सोशल मीडिया पर भी तहलका मचा दिया है। वायरल वीडियो को कई लोगों ने साझा किया और पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए। कई लोग युवाओं के तर्क से सहमत दिखे, तो कुछ लोगों ने पुलिस के नियम पालन अभियान को सही ठहराया। इस मामले में प्रशासन की भी प्रतिक्रिया आना बाकी है।


डुमरिया घाट थाना के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। उन्होंने युवाओं और पुलिस के बीच विवाद को सुलझाने के लिए स्थानीय स्तर पर बैठक करने का संकेत दिया है। अधिकारी यह भी स्पष्ट कर रहे हैं कि पुलिस कर्मचारियों को भी नियमों का पालन करना चाहिए और किसी भी शिकायत को गंभीरता से लिया जाएगा।


इस घटना ने यह सवाल उठाया है कि सड़क सुरक्षा और नियमों के पालन के बीच संतुलन कैसे बनाए रखा जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पुलिस और जनता दोनों नियमों का पालन और सम्मान करें, तो इस प्रकार के विवादों से बचा जा सकता है।


वहीं ग्रामीणों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को टालने के लिए पुलिस और जनता के बीच संवाद बढ़ाना जरूरी है। पुलिस को नियमों का पालन समझाने के साथ-साथ लोगों की संवेदनाओं को भी समझना होगा। इस प्रकार, डुमरिया घाट की यह घटना पुलिस और ग्रामीणों के बीच बढ़ती दूरी और आपसी समझ की कमी को उजागर करती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने इस विवाद को और तेज कर दिया है, और अब प्रशासन के सामने चुनौती है कि वह दोनों पक्षों के बीच शांति और समझदारी स्थापित करे।