ब्रेकिंग
अमोनिया गैस रिसाव से बड़ा हादसा: सीफूड फैक्ट्री में 7 मजदूरों की मौत, 10 से अधिक की हालत गंभीरजेडीयू की बैठक में निशांत कुमार की बढ़ी भूमिका, नेताओं ने बताया पार्टी का भविष्यपटना में करोड़ों की ठगी का खुलासा: शातिर पति-पत्नी ने 27 पुलिसकर्मियों से ठग लिए 6 करोड़, फर्जी फाइनेंस कंपनी खोलकर लगाया चूनादो युवकों की मौत पर सदर अस्पताल में बवाल, हॉस्पिटल मैनेजर की पिटाई; परिजनों का आरोप- जिंदा लाए थे, इलाज नहीं मिलाजेडीयू की राष्ट्रीय परिषद बैठक में नीतीश कुमार के अध्यक्ष पद पर लगी मुहर, उमेश कुशवाहा को तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष की कमान अमोनिया गैस रिसाव से बड़ा हादसा: सीफूड फैक्ट्री में 7 मजदूरों की मौत, 10 से अधिक की हालत गंभीरजेडीयू की बैठक में निशांत कुमार की बढ़ी भूमिका, नेताओं ने बताया पार्टी का भविष्यपटना में करोड़ों की ठगी का खुलासा: शातिर पति-पत्नी ने 27 पुलिसकर्मियों से ठग लिए 6 करोड़, फर्जी फाइनेंस कंपनी खोलकर लगाया चूनादो युवकों की मौत पर सदर अस्पताल में बवाल, हॉस्पिटल मैनेजर की पिटाई; परिजनों का आरोप- जिंदा लाए थे, इलाज नहीं मिलाजेडीयू की राष्ट्रीय परिषद बैठक में नीतीश कुमार के अध्यक्ष पद पर लगी मुहर, उमेश कुशवाहा को तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष की कमान

Bihar News: बिहार में गंगा नदी पर छह लेन का एक्स्ट्रा-डोज्ड पुल बनकर तैयार, 22 अगस्त को पीएम मोदी देंगे सौगात

Bihar News: एनएचएआई ने मोकामा (औंटा) और सिमरिया (बेगूसराय) के बीच गंगा नदी पर छह लेन वाले एक्स्ट्रा-डोज्ड पुल का निर्माण पूरा कर लिया है। इस पुल के चालू होने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच यात्रा 150 किमी तक कम होगी।

Bihar News
प्रतिकात्मक
© google
Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बिहार में बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मोकामा के औंटा और बेगूसराय के सिमरिया के बीच गंगा नदी पर छह लेन वाले अत्याधुनिक एक्स्ट्रा-डोज्ड पुल का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। 22 अगस्त को पीएम मोदी गया से इस पुल का उद्घाटन करेंगे।


यह पुल राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर स्थित एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसे अब यातायात के लिए खोल दिया गया है। यह उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच एक नई जीवन रेखा के रूप में काम करेगा। करीब 1871 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह परियोजना 8.15 किलोमीटर लंबी है, जिसमें मुख्य पुल के अलावा दोनों ओर चार-चार लेन के संपर्क पथ शामिल हैं। 


इसके चालू होने से क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आया है। अब तक भारी और वाणिज्यिक वाहनों को उत्तर बिहार से दक्षिण बिहार की यात्रा के लिए पटना स्थित महात्मा गांधी सेतु या पुराने राजेंद्र सेतु का लंबा और अक्सर जाम वाला मार्ग अपनाना पड़ता था। 


इस नए पुल की वजह से अब विशेष रूप से बेगूसराय, सुपौल, मधुबनी और अररिया जैसे उत्तरी जिलों से शेखपुरा, नवादा और लखीसराय जैसे दक्षिणी जिलों की ओर जाने वाले वाहनों की यात्रा दूरी में लगभग 150 किलोमीटर की कमी आई है। इससे न केवल यात्रा समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन खपत और परिवहन लागत में भी उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे व्यापार और वाणिज्य को बड़ा लाभ मिलेगा।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता