Bihar News: आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई ASAP बिहार ने आज पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मांग को लेकर बिहार विधानसभा अध्यक्ष को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा। ASAP बिहार के प्रदेश अध्यक्ष शुभम कुमार और संजीव कुमार, आयुष कुमार के नेतृत्व में यह मांग की गई, जिसमें विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक भूमिका को केंद्र में रखते हुए केंद्र सरकार से इस दिशा में त्वरित निर्णय लेने की अपील की गई है।
ज्ञापन में यह कहा गया कि पटना यूनिवर्सिटी भारत की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक है, जिसकी स्थापना 1917 में हुई थी। इस विश्वविद्यालय ने डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, जयप्रकाश नारायण, रामधारी सिंह ‘दिनकर’ जैसे महान व्यक्तित्वों को जन्म दिया है।
छात्रों ने अपनी मांग के समर्थन में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं को रखा:
1.शैक्षणिक और ऐतिहासिक योगदान: विश्वविद्यालय ने पूर्वी भारत के शैक्षणिक विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
2.राज्य विश्वविद्यालय की सीमाएं: संसाधनों की भारी कमी, शिक्षकों की नियुक्ति में विलंब, प्रयोगशालाओं व शोध गतिविधियों का अभाव वर्तमान में विश्वविद्यालय की स्थिति को कमजोर कर रहे हैं।
3.केंद्रीय विश्वविद्यालय बनने के लाभ: इससे केंद्र सरकार की आर्थिक सहायता प्राप्त होगी, फैकल्टी विकास, शोध और वैश्विक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा, और पटना को राष्ट्रीय शिक्षा केंद्र के रूप में पहचान मिलेगी।
4.छात्रों एवं समाज की मांग: यह केवल छात्रों की नहीं, बल्कि पूरे राज्य की जनभावना है, जिसे अनेक बुद्धिजीवियों और पूर्व छात्रों का समर्थन प्राप्त है।
5.पूर्व आश्वासनों की याद दिलाई: पूर्व में केंद्र सरकार द्वारा इस पर विचार किए जाने की बात की गई थी, जिसे अब क्रियान्वित करने की आवश्यकता है।
शुभम कुमार ने कहा कि यह मांग सिर्फ पटना यूनिवर्सिटी के विकास की नहीं, बल्कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा। हम आशा करते हैं कि माननीय विधानसभा अध्यक्ष हमारी बात को केंद्र सरकार तक पहुंचाएंगे और छात्रों के भविष्य के लिए उचित पहल करेंगे।





