1st Bihar Published by: First Bihar Updated Dec 31, 2025, 2:33:20 PM
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Bihar Vigilance Department : बिहार में भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों के खिलाफ निगरानी विभाग ने साल 2025 में बड़ी कार्रवाई की है। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के प्रमुख जितेंद्र सिंह गंगवार के नेतृत्व में विभाग ने इस साल कुल 122 FIR दर्ज की है। यह पिछले 25 सालों में किसी भी साल की तुलना में सबसे अधिक है, जो विभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
इन FIR में ट्रैप मामलों का विशेष महत्व रहा। साल 2025 में 101 ट्रैप केस दर्ज किए गए, जिनमें सीधे रिश्वत लेते पकड़े गए लोगों पर कार्रवाई हुई। इन मामलों में कुल 37 लाख 80 हजार 300 रुपए जब्त किए गए। इस बार की कार्रवाई में एक अनोखी घटना भी सामने आई, वाशिंग मशीन की मांग की थी। इसे भी जब्त कर दिया गया और संबंधित पुलिस अधिकारी, अवर निरीक्षक अरवल मूर्तजाली, को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा इस साल सबसे बड़ा धनकुबेर ग्रामीण कार्य विभाग का कार्यपालक अभियंता रहा।
सालभर में कई संगठित और तेज कार्रवाई की घटनाएँ हुईं। खास तौर पर 27 अगस्त को ही चार अलग-अलग जिलों में चार अलग-अलग विभागों में रेड की गई और गिरफ्तारियां हुईं। इस दिन की कार्रवाई ने विभाग की तत्परता और सटीक निगरानी की क्षमता को उजागर किया।
इसके अलावा, आय से अधिक संपत्ति के मामलों में भी विभाग ने उल्लेखनीय कदम उठाए। साल 2025 में कुल 15 FIR दर्ज हुई, जिनमें अधिकारियों और कर्मचारियों की आय से अधिक संपत्ति शामिल थी। इन मामलों में कुल 12 करोड़ 77 लाख 64 हजार रुपए की संपत्ति की प्राथमिकी दर्ज की गई है।
इन संपत्ति मामलों में सबसे बड़ा मामला कार्यपालक अभियंता, भवन निर्माण विभाग का था, जिसमें 2 करोड़ से अधिक संपत्ति की प्राथमिकी दर्ज हुई। इसी तरह, 17 दिसंबर को दो ट्रैप और एक आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया, जिसमें कनीय अभियंता, दरभंगा के खिलाफ कार्रवाई की गई।
जितेंद्र सिंह गंगवार ने बताया कि साल 2025 की यह रिकॉर्ड कार्रवाई बिहार में भ्रष्टाचार और अनुचित गतिविधियों के खिलाफ विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उनका कहना है कि ट्रैप मामलों और आय से अधिक संपत्ति के मामलों में सख्त और पारदर्शी कार्रवाई जारी रहेगी।
डिजी निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की इस सफलता से यह साफ हो गया है कि विभाग भ्रष्टाचार के खिलाफ न केवल सतर्क है, बल्कि सटीक योजना और समयबद्ध कार्रवाई के जरिए अवैध गतिविधियों को रोकने में भी सक्षम है।
साल 2025 के आंकड़े यह बताते हैं कि निगरानी विभाग की कार्यप्रणाली और निगरानी प्रणाली में सुधार हुआ है और यह अब तीव्र, पारदर्शी और जवाबदेह रूप से कार्य कर रहा है। यह बिहार की जनता के लिए भी एक सकारात्मक संदेश है कि अवैध गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और कोई भी अधिकारी या कर्मचारी नियम और कानून से ऊपर नहीं है।