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BIHAR NEWS : नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना तय, नामांकन से पहले कटी NR रसीद, रामनाथ ठाकुर का भी नाम शामिल

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम से राज्यसभा चुनाव के लिए NR रसीद कट गई है। जेडीयू की ओर से रामनाथ ठाकुर के नाम की भी रसीद कटी।

BIHAR NEWS : नीतीश कुमार का राज्यसभा जाना तय, नामांकन से पहले कटी NR रसीद, रामनाथ ठाकुर का भी नाम शामिल
Tejpratap
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BIHAR NEWS : बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव लगभग तय माना जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की अटकलों के बीच अब एक अहम जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक नीतीश कुमार के नाम से राज्यसभा चुनाव के लिए एनआर (नामांकन रसीद) कटवा लिया गया है। इसके साथ ही जेडीयू की ओर से वरिष्ठ नेता रामनाथ ठाकुर के नाम से भी एनआर रसीद कटने की खबर है। इस घटनाक्रम के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि नीतीश कुमार राज्यसभा के जरिए राष्ट्रीय राजनीति की ओर कदम बढ़ा सकते हैं।


बताया जा रहा है कि राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू होते ही एनडीए खेमे में हलचल तेज हो गई थी। इसी बीच पटना से यह जानकारी सामने आई कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम से एनआर रसीद कट गई है। आम तौर पर राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार नामांकन दाखिल करने से पहले एनआर रसीद कटवाते हैं, जिसे नामांकन प्रक्रिया का पहला औपचारिक कदम माना जाता है। ऐसे में इस रसीद के कटने के बाद अब नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा और तेज हो गई है।


राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अगर नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करते हैं तो यह बिहार की राजनीति में एक बड़ा मोड़ होगा। करीब दो दशक से ज्यादा समय से बिहार की सत्ता की धुरी रहे नीतीश कुमार का सक्रिय राज्य राजनीति से केंद्र की ओर जाना कई नए राजनीतिक समीकरणों को जन्म दे सकता है। एनडीए के भीतर भी इसे लेकर लगातार बैठकें और मंथन चल रहा है।


इधर जेडीयू की ओर से रामनाथ ठाकुर के नाम से भी एनआर रसीद कटने की जानकारी सामने आई है। रामनाथ ठाकुर बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण चेहरा माने जाते हैं और वे पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर के पुत्र हैं। सामाजिक न्याय की राजनीति से जुड़े रामनाथ ठाकुर का नाम सामने आने से यह संकेत मिल रहा है कि जेडीयू राज्यसभा चुनाव में सामाजिक समीकरणों को भी साधने की रणनीति पर काम कर रही है।


राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो बिहार में सत्ता संरचना में भी बदलाव संभव है। पहले से ही यह चर्चा चल रही है कि राज्य में नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है और एनडीए के भीतर नई जिम्मेदारियों का बंटवारा किया जा सकता है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम पर अभी तक जेडीयू या एनडीए की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।


वहीं विपक्ष भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। विपक्षी दलों का कहना है कि बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। राज्यसभा चुनाव की पांचवीं सीट को लेकर भी सियासी मुकाबला रोचक होता जा रहा है, क्योंकि एनडीए और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने उम्मीदवारों को लेकर रणनीति बना रहे हैं।


फिलहाल सबसे ज्यादा चर्चा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने को लेकर है। एनआर रसीद कटने की खबर के बाद यह माना जा रहा है कि अब जल्द ही वे औपचारिक रूप से नामांकन दाखिल कर सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत मानी जाएगी, क्योंकि लंबे समय तक राज्य की कमान संभालने वाले नीतीश कुमार राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते नजर आ सकते हैं।


अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि नीतीश कुमार कब आधिकारिक रूप से राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करते हैं और इसके बाद बिहार की सत्ता और राजनीति का नया समीकरण किस रूप में सामने आता है।

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