1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 29, 2025, 7:21:18 AM
पटना में बढ़ते कोरोना के मामले - फ़ोटो Google
Bihar corona update: पटना में कोरोना संक्रमण एक बार फिर से विभिन्न इलाकों में धीरे-धीरे फैलने लगा है, जिससे स्वास्थ्य विभाग और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। बुधवार को दो नए मरीजों की पुष्टि हुई—एक 39 वर्षीय व्यक्ति कंकड़बाग से और दूसरा 55 वर्षीय व्यक्ति बजरंगपुरी (आलमगंज थाना क्षेत्र) से है। दोनों की जांच कंकड़बाग स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के पास स्थित एक निजी लैब में कराई गई थी, जहां उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
पिछले पांच दिनों से लगातार नए मामले सामने आ रहे हैं, जिससे स्थिति को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार सिंह ने जानकारी दी कि अब तक चार मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि तीन पूरी तरह ठीक हो चुके हैं। अन्य चार संक्रमित होम क्वारेंटीन में हैं और उन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
इसी बीच वैशाली जिले के महनार प्रखंड की एक 58 वर्षीय महिला भी कोरोना संक्रमित पाई गई हैं। उन्हें 20 मई को पेट दर्द की शिकायत के बाद पटना एम्स में भर्ती किया गया था। 23 मई को उनका हर्निया ऑपरेशन किया गया, लेकिन मंगलवार को रूटीन जांच के दौरान उनकी कोविड रिपोर्ट पॉजिटिव निकली।
कोरोना के दोबारा बढ़ते खतरे को देखते हुए बिहार के अस्पतालों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। डॉक्टरों के कक्ष में मरीजों को मास्क पहनकर ही जाने की सख्त सलाह दी जा रही है। पटना के प्रमुख अस्पतालों जैसे एनएमसीएच और आईजीआईएमएस में कोरोना जांच फिर से शुरू कर दी गई है। बीते एक सप्ताह में इन दोनों संस्थानों में लगभग दो दर्जन मरीजों की जांच की जा चुकी है।
आईजीआईएमएस के माइक्रोबायोलॉजी विभाग के एक वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया कि ऑपरेशन के लिए आने वाले गंभीर मरीजों की पहले से ही कोरोना जांच की जा रही थी। वहीं एनएमसीएच में भी पिछले तीन दिनों से कोविड जांच चल रही है। यहां माइक्रोबायोलॉजी विभाग में बची हुई पुरानी किट्स से फिलहाल 12 लोगों के सैंपल की जांच की जा रही है।
मंगलवार तक पटना में कुल नौ कोरोना संक्रमितों की पहचान हो चुकी है। इनमें से तीन लोग पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं, तीन का इलाज एम्स में जारी है और शेष तीन लोग सर्दी, खांसी, सिर दर्द और बदन दर्द जैसे लक्षणों के साथ घर पर ही इलाज ले रहे हैं। संक्रमितों में चार एम्स के स्वास्थ्यकर्मी (दो डॉक्टर और दो नर्स), एक कंकड़बाग निवासी, दो एनएमसीएच से, एक रूपसपुर और एक आईसीएआर कैंपस से है। सिविल सर्जन ने बताया कि इन मरीजों में से किसी की भी हालिया यात्रा का इतिहास नहीं मिला है।