Hindi News / bihar / patna-news / Bihar News: बिहार में अब छोटे हिस्सों में होगी बालू घाटों की नीलामी,...

Bihar News: बिहार में अब छोटे हिस्सों में होगी बालू घाटों की नीलामी, राजस्व क्षति रोकने को सरकार ने अपनाई नई रणनीति

Bihar News: बिहार सरकार ने राजस्व हानि और अवैध बालू खनन रोकने के लिए अनिलामित व प्रत्यर्पित बालू घाटों की छोटे हिस्सों में नीलामी की नई योजना बनाई है। उप मुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने नीलामी और घाटों की सख्त निगरानी के निर्देश दिए।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jul 31, 2025, 8:32:06 AM

Bihar News

बिहार न्यूज - फ़ोटो GOOGLE

Bihar News: बिहार सरकार ने राज्य के अनिलामित और प्रत्यर्पित बालू घाटों को छोटे-छोटे भागों में बांटकर नीलामी करने की नई योजना तैयार की है। यह निर्णय राजस्व नुकसान और अवैध खनन की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए लिया गया है। इस संदर्भ में उप मुख्यमंत्री सह खान एवं भूतत्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने राज्य के सभी जिला खनन पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नीलामी की प्रक्रिया को तेज करते हुए इसे अगस्त माह के भीतर पूरा कर लिया जाए।


उप मुख्यमंत्री ने बताया कि कई बंदोबस्तधारियों द्वारा बालू घाटों की बंदोबस्ती लेने के बाद उन्हें प्रत्यर्पित (सरेंडर) कर दिया गया है, जिससे राजस्व को नुकसान हो रहा है। उदाहरण के लिए, जमुई जिले के 45 में से 6 घाट, औरंगाबाद के 61, जहानाबाद के 12, रोहतास और नालंदा के आठ-आठ, तथा भोजपुर के 6 घाट सहित राज्य भर में कुल 147 बालू घाटों की नीलामी विभिन्न कारणों से लंबित है। इन घाटों से बंदोबस्ती न होने के बावजूद अवैध खनन धड़ल्ले से जारी है।


सरकार का मानना है कि यदि घाटों की बड़े स्तर पर बंदोबस्ती संभव नहीं हो पा रही है, तो इन्हें छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित कर बंदोबस्ती की जानी चाहिए ताकि स्थानीय स्तर पर छोटे खननकर्ता भी इसमें भाग ले सकें और राजस्व की प्राप्ति सुनिश्चित हो सके। यह कदम न्यायसंगत, पारदर्शी और समावेशी खनन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।


विजय सिन्हा ने यह भी कहा कि जिन बंदोबस्तधारियों ने तीन-चार घाटों की बंदोबस्ती ली और बाद में एक-दो घाट सरेंडर कर दिए, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे ठेकेदारों को नोटिस जारी कर जवाब-तलबी की जाएगी कि जब वे सभी घाट संचालित नहीं कर सकते, तो उन्हें बंदोबस्ती क्यों दी गई।


सरकार अब प्रत्यर्पित घाटों पर कड़ी निगरानी रखने और अवैध खनन को रोकने के लिए प्रशासनिक सख्ती के संकेत दे चुकी है। विभाग जल्द ही ऑनलाइन नीलामी पोर्टल के माध्यम से नए घाटों की नीलामी प्रक्रिया शुरू करेगा ताकि पारदर्शिता बनी रहे और राज्य को अधिकतम राजस्व प्राप्त हो।