ब्रेकिंग
1st Bihar जो कहता है वही होता है...बाकी सब हैं पीछे-पीछे, निशांत की खबर पर 100 फीसदी लगी मुहर, बने पावर सेंटर बिहार कैबिनेट विस्तार: पीएम मोदी. शाह, राजनाथ सिंह, सीएम सम्राट और नीतीश कुमार समेत तमाम एनडीए नेता मौजूद, मंत्रियों का शपथ ग्रहण शुरूसम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने जा रहे निशांत कुमार, शपथ ग्रहण से पहले पिता नीतीश कुमार का लिया आशीर्वादबिहार कैबिनेट विस्तार: सम्राट मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा राजपूत मंत्री होंगे, जानिए किस जाति के कितने मंत्रीपटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानी1st Bihar जो कहता है वही होता है...बाकी सब हैं पीछे-पीछे, निशांत की खबर पर 100 फीसदी लगी मुहर, बने पावर सेंटर बिहार कैबिनेट विस्तार: पीएम मोदी. शाह, राजनाथ सिंह, सीएम सम्राट और नीतीश कुमार समेत तमाम एनडीए नेता मौजूद, मंत्रियों का शपथ ग्रहण शुरूसम्राट कैबिनेट में मंत्री बनने जा रहे निशांत कुमार, शपथ ग्रहण से पहले पिता नीतीश कुमार का लिया आशीर्वादबिहार कैबिनेट विस्तार: सम्राट मंत्रिमंडल में सबसे ज्यादा राजपूत मंत्री होंगे, जानिए किस जाति के कितने मंत्रीपटना में जाम से त्राहिमाम, शपथ ग्रहण और पीएम मोदी के रोड शो को लेकर कई रूट डायवर्ट; लोगों की बढ़ी परेशानी

Bihar News: बिहार में अब जलमार्ग को चमकाने के लिए प्रतिबद्ध हुई सरकार, पर्यटन को मिलेगा तगड़ा बूस्ट

Bihar News: बिहार में अब जलमार्ग को किया जाएगा विकसित, एजेंसी चयन इसी साल। 2030 तक इस मामले में नंबर वन राज्य बनना है लक्ष्य। पर्यटन को भरपूर बढ़ावा..

Bihar News
प्रतीकात्मक
© Meta
Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Bihar News: बिहार की नदियां कभी व्यापार और संस्कृति का जीवनरेखा हुआ करती थीं, मगर पिछले कुछ दशकों में सब पूरी तरह से बदल गया। कई क्षेत्रों के साथ-साथ इस क्षेत्र में भी राज्य कहीं का नहीं रहा। हालांकि ख़ुशी की बात यह है कि अब राज्य का जलमार्ग फिर से चमकने को तैयार हैं। राज्य सरकार ने गंगा सहित प्रमुख नदियों पर जलमार्ग विकसित करने का बड़ा कदम उठाया है ताकि माल की आवाजाही आसान हो और पर्यावरण को भी फायदा पहुंचे। परिवहन विभाग ने इस साल एजेंसी चयन का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा है, जिससे निजी कंपनियों के साथ मिलकर काम तेज हो सके। राष्ट्रीय जलमार्ग-1 पर केंद्र सरकार का भी सहयोग है और यह पटना को जल परिवहन का हब बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे लॉजिस्टिक्स कॉस्ट घटेगी और क्रूज पर्यटन से बिहार की सैर भी काफी ज्यादा रोमांचक बन जाएगी।


बिहार में जलमार्ग की अपार संभावनाएं हैं। गंगा, गंडक और कोसी जैसी नदियों पर काम कर राज्य इस मामले में काफी काम कर सकता है। विभाग का मानना है कि यह सड़क-रेल की तुलना में सस्ता और प्रदूषण-मुक्त विकल्प साबित होगा। सड़क से माल ढुलाई पर 2.5 रुपये प्रति मीट्रिक टन खर्च आता है, रेल पर 1.41 रुपये, जबकि जलमार्ग पर सिर्फ 1.06 रुपये। ऐसे में बालू और पत्थर जैसे भारी माल को झारखंड से लाना या उत्तर बिहार के जिलों में वितरण करना आसान हो जाएगा। केंद्र की जलमार्ग विकास परियोजना के तहत पटना में वाटर मेट्रो की योजना भी बन रही है, यह कोच्चि मॉडल पर आधारित होगी। इससे दोनों तटों को जोड़कर दैनिक यात्रा को सुगम बनाया जाएगा।


इसके लिए मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है, जिसमें 2030 तक बिहार को जलमार्ग में नंबर वन राज्य बनाने का विजन है। विजन 2047 के तहत यह प्लान अर्थव्यवस्था पर असर करेगा, पर्यटन को बढ़ावा देगा और सस्टेनेबल ट्रांसपोर्ट पर फोकस करेगा। इसके लिए अनुभवी एजेंसियों का चयन होगा, जिनकी पड़ताल के बाद ही उन्हें जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। कच्ची दरगाह में मल्टीमॉडल टर्मिनल बनेगा, यह रेल, सड़क और नदी तीनों को जोड़ेगा।


कुल मिलाकर कहें तो यह कदम बिहार की विकास यात्रा को एक नई गति देगा। केंद्र-राज्य का टास्क फोर्स जलमार्ग को और भी मजबूत करेगा तथा 16 नए जेटी के साथ 21 मौजूदा जेटी का विस्तार किया जाएगा। पर्यटक गंगा के किनारे क्रूज पर सवार होकर पटना से वाराणसी तक की यात्रा का लुत्फ ले सकेंगे। उम्मीद है कि एजेंसी चयन के बाद काम तेज होगा और बिहार नदियों का सरकार द्वारा सही उपयोग किया जाएगा।

संबंधित खबरें