Bihar Politics: ‘मौनी बाबा’ बनकर प्रायश्चित करें बाप-बेटा.., तेजस्वी की 100 दिन की चुप्पी पर गिरिराज सिंह का तीखा तंज

Bihar Politics: तेजस्वी यादव की 100 दिन की चुप्पी पर बीजेपी ने हमला बोला है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि तेजस्वी और लालू यादव को ‘मौनी बाबा’ बनकर प्रायश्चित करना चाहिए।

1st Bihar Published by: HARERAM DAS Updated Sun, 11 Jan 2026 06:52:54 PM IST

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गिरिराज सिंह का बड़ा हमला - फ़ोटो Google

Bihar Politics: बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र से गायब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव आखिरकार लंबे समय बाद पटना वापस लौट आए। पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बचते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने 100 दिन नहीं बोलने का संकल्प लिया है। अब बीजेपी ने तेजस्वी की 100 दिन की चुप्पी पर तीखा तंज किया है।


दरअसल, बिहार विधानसभा चुनाव में आरजेडी और महागठबंधन की हुई दुर्गति के बाद विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव बिहार छोड़कर विदेश यात्रा पर चले गए थे। वह कहां गए थे इसकी जानकारी किसी को नहीं थी। विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन विधायक पद की शपथ लेने के बाद नेता प्रतिपक्ष पत्नी के साथ कहीं रवाना हो गए थे।


तेजस्वी यादव के लंबे समय तक चुप्पी साधने को लेकर सत्ताधारी दल लगातार हमले बोल रहे थे और उनका कहना था कि चुनाव में हार को तेजस्वी बर्दाश्त नहीं कर पाए और बिहार छोड़कर चले गए हैं। करीब 40 दिनों के बाद तेजस्वी मकर संक्रांति से पहले 11 जनवरी को पटना पहुंचे। पटना एयरपोर्ट पर मीडिया के सवालों को जवाब देते हुए तेजस्वी ने सिर्फ इतना कहा कि वह 100 दिन तक कुछ भी नहीं बोलेंगे।


तेजस्वी के इस बयान पर बीजेपी के फायर ब्रांड नेता गिरिराज सिंह ने तीखा तंज किया। बेगूसराय पहुंचे केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद गिरिराज सिंह ने कहा कि तेजस्वी यादव को मौनी बाबा बन जाना चाहिए और अपने पिता लालू प्रसाद के साथ प्रायश्चित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों बाप-बेटा का मौनी बाबा बनकर 100 दिन तक प्रायश्चित करना चाहिए। 


वहीं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने तेजस्वी यादव पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि बिहार की जनता पहले ही उनका “सुपड़ा साफ” कर चुकी है। तेजस्वी यादव नेता प्रतिपक्ष बने, लेकिन विधानसभा के प्रथम सत्र में भी वह गायब रहे। उन्होंने सवाल उठाया कि बिहार के प्रति उनकी गंभीरता कहां है, जब वे 40–45 दिनों तक राज्य से बाहर रहते हैं और अहम मुद्दों पर सदन में नजर नहीं आते।


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि चाहे बाढ़ का मामला हो या अन्य कोई गंभीर विषय, विधानसभा में होने वाली बहसों के दौरान नेता प्रतिपक्ष अक्सर अनुपस्थित रहते थे। यही कारण है कि बिहार की जनता ने उन्हें नकार दिया।