ब्रेकिंग
बिहार में बाढ़ के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दान किया एक महीने का वेतन, राहत कोष में दिए 2.70 लाखबोर्ड पर लिखा था मसाज पार्लर, अंदर चल रहा था गंदा खेल, पुलिस ने मारा छापा... संचालिका समेत 6 महिलाएं हिरासत मेंअनंत सिंह-नीरज कुमार विवाद के बीच नीतीश-ललन सिंह की मुलाकात, JDU में हलचल तेजगया सिविल कोर्ट के पास अधिवक्ताओं ने सड़क जाम कर किया विरोध-प्रदर्शन, पुलिस पर लगाया गंभीर आरोपकमला नदी में प्लास्टिक से लिपटा मिला अधेड़ का शव, हाथ-पैर बंधे होने की आशंका; पहचान में जुटी पुलिसबिहार में बाढ़ के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दान किया एक महीने का वेतन, राहत कोष में दिए 2.70 लाखबोर्ड पर लिखा था मसाज पार्लर, अंदर चल रहा था गंदा खेल, पुलिस ने मारा छापा... संचालिका समेत 6 महिलाएं हिरासत मेंअनंत सिंह-नीरज कुमार विवाद के बीच नीतीश-ललन सिंह की मुलाकात, JDU में हलचल तेजगया सिविल कोर्ट के पास अधिवक्ताओं ने सड़क जाम कर किया विरोध-प्रदर्शन, पुलिस पर लगाया गंभीर आरोपकमला नदी में प्लास्टिक से लिपटा मिला अधेड़ का शव, हाथ-पैर बंधे होने की आशंका; पहचान में जुटी पुलिस

Bihar News: बिहार के किसानों के लिए खुशखबरी, सिंचाई और कोल्ड स्टोरेज के लिए मिलेगी अब इतने घंटे बिजली

Bihar News: बिहार में 2774 कृषि फीडरों के जरिए किसानों को 14-16 घंटे निर्बाध बिजली, कोल्ड स्टोरेज के लिए 24 घंटे बिजली और 90% सब्सिडी। डीजल पंपों पर निर्भरता कम, सिंचाई लागत में कटौती..

Bihar News
प्रतीकात्मक
© Google
Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Bihar News: बिहार के किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने ‘हर खेत को बिजली, हर किसान को समृद्धि’ के मंत्र को साकार करने के लिए 2774 कृषि फीडर स्थापित किए हैं जो किसानों को सिंचाई के लिए 14-16 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं। उपमुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि ये फीडर विशेष रूप से सिंचाई पंपसेट और अन्य कृषि उपकरणों के लिए बनाए गए हैं, ताकि उचित वोल्टेज पर बिजली मिले और किसानों की डीजल पंपों पर निर्भरता कम हो।


इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि डीजल पंपों की तुलना में बिजली से सिंचाई 10 गुना सस्ती है। एक 5 एचपी पंप प्रतिदिन 4 घंटे चलाने पर डीजल से 500-1000 रुपये का खर्च आता है, जबकि बिजली से यह लागत मात्र 50-100 रुपये रह जाती है। इसके अलावा, ये फीडर पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रहे हैं, क्योंकि डीजल पंपों का उपयोग कम होने से प्रदूषण में कमी आएगी। सरकार ने 2024-25 में 1.5 लाख पंपसेट्स को बिजली कनेक्शन देने का लक्ष्य पूरा कर लिया है और 2026 तक 4.8 लाख और कनेक्शन देने की योजना है।


इधर कोल्ड स्टोरेज के लिए भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 1 अप्रैल 2026 से कोल्ड स्टोरेज को 24 घंटे बिजली आपूर्ति के साथ 90% तक बिजली बिल सब्सिडी दी जाएगी। यह सुविधा खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। उपमुख्यमंत्री सिन्हा ने कहा कि यह कदम न केवल किसानों की आय बढ़ाएगा, बल्कि फसलों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने में भी मदद करेगा। इसके लिए 2027 तक हर जिले में कोल्ड स्टोरेज स्थापित करने की योजना है।


मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंद्ध योजना के तहत किसानों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए जा रहे हैं। किसान लोग किसान सुविधा ऐप, बिजली वितरण कंपनी के पोर्टल या स्थानीय बिजली कार्यालय के जरिए आवेदन कर सकते हैं। आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, जमीन के कागजात और पंपसेट का विवरण शामिल है। यह योजना बिहार के 1.5 करोड़ किसानों, खासकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है।