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EOU ने 'अनुभूति श्रीवास्तव' को किया बेनकाब, भ्रष्ट अफसर से नगर विकास विभाग को गजब का है ‘प्यार’ ! दागी को बार-बार फील्ड में E.O. बनाकर सुशासन को किया जा रहा तार-तार, आखिर क्या है मजबूरी ?

नगर विकास विभाग के कार्यपालक पदाधिकारी अनुभूति श्रीवास्तव पर EOU ने आय से अधिक संपत्ति मामले में कई ठिकानों पर छापेमारी की है। भ्रष्टाचार में चार्जशीटेड होने के बावजूद बार-बार फील्ड पोस्टिंग मिलने से सरकार की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।

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Viveka Nand
4 मिनट

Bihar News: नीतीश सरकार भ्रष्ट अधिकारियों से जबरदस्त प्रेम करती है. भ्रष्टाचार में लिप्त रहो और इनाम पाओ..सुशासन की सरकार इसी फार्मूले पर काम करती है. अनेकों ऐसे उदाहरण हैं, जहां सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोपियों को फील्ड में शानदार पोस्टिंग दी. नगर विकास विभाग एक बार फिर से अपने कारनामों की वजह से बेपर्द हो गया है. विभाग ने एक ऐसे अधिकारी को बार-बार कार्यपालक पदाधिकारी के पद पर पोस्टिंग की है, जिस पर भ्रष्टाचार के गंभीर दाग हैं. एक नहीं अनेकों आरोप, नगर विकास विभाग को इससे कोई मतलब नहीं. भ्रष्टाचार के आरोपी अधिकारी जिसके खिलाफ पहले विशेष निगरानी इकाई ने छापेमारी की, तब भी बाल बांका नहीं हुआ,रक्सौल नगर परिषद से लेकर अब सिवान नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी के पद पर बिठाये रखा गया. अब आर्थिक अपराध इकाई ने उक्त कार्यपालक पदाधिकारी जो भ्रष्टाचार को लेकर चर्चित है, उसके ठिकानों पर छापेमारी की है. आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में छापेमारी की जा रही है. 

भ्रष्टाचार के आरोपी अफसर से सरकार को प्रेम

नगर विकास विभाग ने हाल में ही भ्रष्टाचार के आरोपी और चार्जशीटेड अधिकारी अनुभूति श्रीवास्तव को सिवान नगर परिषद का कार्यपालक पदाधिकारी बनाया था. इसके पहले कैमूर में कार्यपालक पदाधिकारी रहते इन पर गंभीर पर आरोप लगे थे. भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद जांच हुई, जांच में आरोप सही पाये गए. इसके बाद इन्हें हाजीपुर नगर परिषद का कार्यपालक पदाधिकारी के पद पर बिठा दिया गया. इसी बीच विशेष निगरानी इकाई ने अनुभूति श्रीवास्तव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का केस दर्ज कर कई ठिकानों पर छापेमारी की. इसके बाद सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोपी अधिकारी अनुभूति श्रीवास्तव को सस्पेंड कर दिया. चूंकि सरकार में शामिल बड़े अधिकारी के चहेते थे अनुभूति श्रीवास्तव, लिहाजा इनका निलंबन तोड़कर सीधे फील्ड पोस्टिंग दे दी गई. अनुभूति श्रीवास्तव को रक्सौल नगर परिषद का कार्यपालक पदाधिकारी बना दिया गय़ा. कार्यपालक पदाधिकारी बनते ही, फिर से भ्रष्टाचार के आरोप में घिरने लगे. विवाद काफी बढ़ा तो सरकार ने इनका स्थानांतरण कर दिया. कुछ दिनों तक संटिंग में रहने के बाद भ्रष्टाचार के आरोपी अनुभूति श्रीवास्तव को सिवान नगर परिषद का कार्यपालक पदाधिकारी बनाकर सुशोभित कर दिया गया. लेकिन दार इतने गंभीर हैं कि एक बार फिर से जांच एजेंसी ने दबिश दी है. इस बार आर्थिक अपराध इकाई ने भ्रष्ट अधिकारी अनुभूति श्रीवास्तव के ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति केस मामले में छापेमारी की है. 

ईओयू ने कई ठिकानों पर की छापेमारी

आर्थिक अपराध इकाई ने बुधवार को सीवान की नगर कार्यपालक पदाधिकारी अनुभूति श्रीवास्तव के कई ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति मामले में की जा रही है। EOU की टीम ने एक साथ सीवान, पटना और लखनऊ स्थित ठिकानों पर जांच शुरू की। लखनऊ के गोमती नगर, पटना के रूपसपुर स्थित अर्पणा मेंशन, और सीवान नगर परिषद कार्यालय में कार्यपालक पदाधिकारी के आवास और अन्य परिसरों की तलाशी ली गई। EOU की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अनुभूति श्रीवास्तव ने अपनी वैध आय से लगभग 79% अधिक संपत्ति अर्जित की है।  

डीए केस में 2021 में भी हुई थी छापेमारी

इससे पहले अगस्त 2021 में विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था। इस मामले में आरोप पत्र दाखिल हो चुका है और मुकदमा अभी न्यायालय में लंबित है।  

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता

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