प्रेमिका से मिलने आए प्रेमी को लोगों ने बना दिया दूल्हा, सुपौल में ‘पकड़ौआ विवाह’ का वीडियो वायरल

सुपौल जिले के राजेश्वरी क्षेत्र से कथित पकड़ौआ विवाह का वीडियो सामने आया है। प्रेमिका से मिलने पहुंचे युवक की जबरन शादी कराए जाने का आरोप है। वीडियो में लड़की के नाबालिग होने का दावा इस मामले को कानूनी दायरे में ले गया है।

1st Bihar Published by: SANT SAROJ Updated Wed, 04 Feb 2026 04:09:02 PM IST

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‘पकड़ौआ विवाह’ का VIDEO VIRAL - फ़ोटो REPORTER

SUPAUL: सोशल मीडिया पर पकड़ौआ विवाह का वीडियो वायरल हो रहा है। मामला सुपौल जिले के राजेश्वरी थाना क्षेत्र अंतर्गत राजेश्वरी पूर्वी पंचायत के वार्ड 10 से जुड़ा बताया जा रहा है, जहां प्रेम कहानी अचानक पकड़ौआ विवाह में बदल गई। वायरल वीडियो से पता चलता है कि यह पूरा मामला प्रेम-प्रसंग से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि युवक अपनी प्रेमिका से मिलने पहुंचा था,लेकिन वहां पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया और कथित तौर पर जबरन विवाह करा दिया गया। 


इस घटना को लोग पारंपरिक ‘पकड़ौआ विवाह’ से जोड़कर देख रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक,करीब दो दिन पूर्व संध्या लगभग 5 बजे एक युवक अपनी प्रेमिका से मिलने राजेश्वरी पूर्वी पंचायत के वार्ड 10 पहुंचा था। इसी दौरान लड़की के परिजन और कुछ ग्रामीण वहां आ गए। इसके बाद युवक को पकड़ लिया गया और वहीं शादी की रस्में पूरी कर दी गईं।इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो किसी ग्रामीण ने मोबाइल से रिकॉर्ड कर लिया,जो अब फेसबुक,व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है।


वायरल वीडियो में कुछ ग्रामीण प्रेमी जोड़े से पूछताछ करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में युवक ने अपनी उम्र 22 वर्ष बताई है,जबकि लड़की ने अपनी उम्र मात्र 15 वर्ष बताई है। लड़की के खुद को नाबालिग बताने के दावे ने पूरे मामले को मनोरंजन से हटाकर गंभीर कानूनी मोड़ पर ला खड़ा कर दिया है। जानकारी के अनुसार,लड़की सुपौल जिले के राजेश्वरी पूर्वी पंचायत की बताई जा रही है,जबकि युवक मधेपुरा जिले के श्रीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत रामनगर महेश का निवासी निरंजन यादव बताया जा रहा है। वीडियो वायरल होते ही ग्रामीण इलाकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। लोग इसे पारंपरिक पकड़ौआ विवाह करार दे रहे हैं तो वहीं कई लोग इसे नाबालिग विवाह और कानून के उल्लंघन का मामला बता रहे हैं सोशल मीडिया पर भी यूजर्स प्रशासन से कार्रवाई की मांग कर रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं कि क्या ऐसे मामलों में कानून आंख मूंद लेता है?


फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सूत्रों का कहना है कि वायरल वीडियो और उसमें किए गए दावों की सत्यता की जांच बेहद जरूरी है। यदि लड़की के नाबालिग होने की पुष्टि होती है, तो यह मामला बाल विवाह निषेध कानून समेत अन्य धाराओं में गंभीर कानूनी दायरे में आ सकता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस वायरल वीडियो को कितनी गंभीरता से लेता है, जांच किस दिशा में जाती है और सच्चाई सामने आने के बाद किस पर कार्रवाई होती है। फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया से लेकर गांव की गलियों और चौपाल तक चर्चा का सबसे गर्म मुद्दा बना हुआ है।मामले को लेकर के जब सुपौल जिले के राजेश्वरी थानाध्यक्ष से आज बात की गई तो उन्होंने बताया कि मेरे संज्ञान में ऐसा कोई मामला नहीं आया है।