शेखपुरा में फर्जी लोन ऐप गिरोह का भंडाफोड़, साइबर पुलिस ने 5 ठगों को किया गिरफ्तार

शेखपुरा में साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी लोन ऐप के जरिए ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। तीन स्थानों पर छापेमारी कर पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Wed, 04 Feb 2026 03:55:59 PM IST

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पुलिस की कार्रवाई - फ़ोटो social media

SHEIKHPURA: शेखपुरा में साइबर ठगी का खुलासा हुआ है। साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई ने संगठित गिरोह का भंडाफोड़ कर बड़ी सफलता हासिल की है। इस बात की गुप्त सूचना मिली थी कि शेखपुरा जिला में फर्जी लोन एप्प के माध्यमों से लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। मिली सूचना के आधार पर साइबर पुलिस अधीक्षक, अनुसंधान एवं अभियान के निर्देशन में पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में सी०सी०एस०यू० की विशेष टीम गठित की गयी। 


उक्त टीम के द्वारा साइबर थाना शेखपुरा एवं एस०टी०एफ० की मदद से 03.02.2026 को शेखपुरा में 3 जगहों पर एक साथ छापेमारी की गई, जिसमें साइबर ठगी में संलिप्त संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया गया। गठित टीम द्वारा छापेमारी स्थल से 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। उक्त मामले में संबंधित साइबर थाना, शेखपुरा में विधि-सम्मत धाराओं के अंतर्गत प्राथमिकी सं0-07/26, दिनांक-03. बी०एन०एस० एवं 02.26 T / I + (- 318(2) / 318 * (4) / 319 * (2) / 336 * (2) / 336 * (3) / 338) / 340 * (2) / 61 * (2) 66 (सी)/66 (डी) आई०टी० एक्ट दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि अभियुक्तों द्वारा Loan APP को एक वैध एवं भरोसेमंद लोन ऐप्प के रूप में प्रस्तुत किया जाता था, जिससे आम नागरिकों का विश्वास प्राप्त किया जा सके। अभियुक्तों द्वारा मोबाइल कॉल, मैसेज एवं अन्य डिजिटल माध्यमों से लोगों से संपर्क कर उन्हें तत्काल लोन उपलब्ध कराने का प्रलोभन दिया जाता था। लोन स्वीकृति की प्रक्रिया के नाम पर पीड़ितों से प्रोसेसिंग फीस, केवाईसी चार्ज एवं अन्य शुल्क के रूप में ऑनलाइन भुगतान कराया जाता था। 


भुगतान प्राप्त होने के पश्चात न तो पीड़ितों को कोई लोन प्रदान किया जाता था और न ही कोई वैध डिजिटल सेवा उपलब्ध कराई जाती थी। पीड़ित द्वारा पुनः संपर्क किए जाने पर अभियुक्तों द्वारा उनका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया जाता था अथवा किसी भी प्रकार का संपर्क समाप्त कर दिया जाता था। अभियुक्तों द्वारा पहचान छिपाने के उद्देश्य से फर्जी / अवैध सिम कार्ड एवं विभिन्न मोबाइल नंबरों का प्रयोग किया जाता था तथा ठगी की राशि को विभिन्न डिजिटल माध्यमों से स्थानांतरित किया जाता था।


बरबीघा एवं शेखोपुर थानान्तर्गत तीन छापेमारी स्थलों से गिरफ्तारी की गयी। छापामारी के कम में जप्त किये गये प्रर्दश निम्नवत् हैं :-

1. स्मार्ट मोबाइल-05,

2. सिम कार्ड-19,

3. फर्जी लोन ऐप से संबंधित डिजिटल डाटा

4. फर्जी सिम निर्गत करने से संबंधित सामग्री


जब्त डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच की जा रही है, जिसके आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। इस कांड में सभी महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर वैज्ञानिक तरीके से तकनीकी अनुसंधान किया जा रहा है एवं इस षडयंत्र में शामिल हर दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध साक्ष्य के आधार पर विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, बिहार, पटना आम जनता से अपील करती है कि किसी भी प्रकार की अवैध ऑनलाइन लोन ऑफर के झांसे में न आएँ। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या साइबर अपराध की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या साइबर पुलिस को दें।