Patna Metro: पटना मेट्रो को लेकर आया बड़ा अपडेट, यात्रा के दौरान मिलेंगी ये सुविधाएं; देखिए.. रूट चार्ट

Patna Metro: पटना मेट्रो सेवा की शुरुआत आगामी 15 अगस्त से होने की संभावना है. विधानसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी पटना के लोगों को यह सौगात देने वाले है. पटना मेट्रो को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है.

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated May 25, 2025, 12:08:40 PM

Patna Metro

प्रतिकात्मक - फ़ोटो google

Patna Metro: पटना मेट्रो में सफर का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। राजधानी में मेट्रो सेवा के शुभारंभ की घड़ी अब नजदीक आ गई है। अभी तक की योजना के अनुसार, 15 अगस्त 2025 को पटना मेट्रो का उद्घाटन किया जा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस ऐतिहासिक सेवा का लोकार्पण कर सकते हैं।


पटना मेट्रो परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन तेजी से कार्य करवा रहा है। हाल ही में बिहार के मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने भी इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर के मलाही पकड़ी से ISBT खंड पर मेट्रो 15 अगस्त तक शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।


शुरुआत में इस मेट्रो रूट पर तीन रेक होंगे, जिनमें लगभग 150 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। मेट्रो का संचालन अधिकतम छह वातानुकूलित कोच के साथ किया जाएगा। हर कोच में सीसीटीवी कैमरे, वाई-फाई कनेक्शन, और मोबाइल चार्जिंग सॉकेट जैसी सुविधाएं होंगी। इसके अतिरिक्त, मेट्रो स्टेशनों पर कैफेटेरिया और शॉपिंग एरिया भी विकसित किए जा रहे हैं।


उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर:

मलाही पकड़ी से ISBT तक 14.45 किमी लंबा ट्रैक बनेगा, जिसमें से 6.63 किमी हिस्सा एलिवेटेड होगा। शुरुआती चरण में मेट्रो मलाही पकड़ी, खेमनीचक, भूतनाथ, जीरोमाइल, ISBT स्टेशनों से होकर गुजरेगी। बाद में मलाही पकड़ी से पटना यूनिवर्सिटी तक दो और स्टेशन जोड़े जाएंगे।


कॉरिडोर 1: यह 17.93 किमी लंबा होगा और दानापुर से खेमनीचक तक फैला होगा। यह मार्ग नेहरू पथ होते हुए निकलेगा और इसमें सगुना मोड़, आरपीएस मोड़, पाटलिपुत्र, रुकनपुरा, चिड़ियाघर, विकास भवन, अन्य महत्वपूर्ण स्टेशन शामिल होंगे।


कॉरिडोर 2: मलाही पकड़ी से ISBT तक फैले इस कॉरिडोर में मेट्रो राजेन्द्रनगर, पटना यूनिवर्सिटी (PU), गांधी मैदान, आकाशवाणी होते हुए पटना जंक्शन तक जाएगी। गौरतलब है कि इस परियोजना की आधारशिला वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी। अब, छह साल बाद यह सपना साकार होने की कगार पर है।