बिहार के दरभंगा में अनोखा मामला दर्ज, गांव के पूरे ब्राह्मणों के खिलाफ FIR

दरभंगा के हरिनगर गांव में मजदूरी के बकाया को लेकर शुरू हुआ विवाद जातीय हिंसा में बदल गया, SC/ST एक्ट के तहत 70 नामजद और 150 अज्ञात पर केस दर्ज, 12 गिरफ्तार, आयोग ने जांच और मुआवजे का आश्वासन दिया।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Wed, 04 Feb 2026 09:22:35 PM IST

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मजदूरी को लेकर विवाद - फ़ोटो REPORTER

DARBHANGA: बिहार के दरभंगा के कुशेश्वरस्थान थाने में एक अनोखा केस दर्ज हुआ है। पूरे गांव के ब्राह्मणों के खिलाफ FIR दर्ज कराया गया है। 12 लोगों को हिरासत में लिया गया है। यह अनोखा मामला कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव का बताया जा रहा है। मामला मजदूरी विवाद से शुरू हुआ और यह झगड़ा जातीय हिंसा में बदल गया। 


पूरे गांव के ब्राह्मणों पर प्राथमिकी दर्ज, SC/ST के द्वारा  दर्ज में  70 नामजद और 150 ब्राह्मण पर  प्राथमिकी हुई दर्ज ,हरिनगर में लेन-देन का विवाद बना सामूहिक टकराव, रूपये की मांग को लेकर विवाद हुआ शुरू जिसका लाइव वीडियो आया सामने, पैसों के विवाद से बढ़ा मामला, जातीय रंग लेने पर 12 गिरफ्तार। गांव से पुरुष गिरफ्तारी के डर से भागे। SC ST के लिए काम करने वाले भी सहमत जो दोषी नहीं उनका भी नाम जुड़ा  ,राज्य अनुसूचित जाति–जनजाति आयोग के अध्यक्ष भी पहुंचे दरभंगा कहा पीड़ितों को जल्द मिलेगा मुआवजा और उचित इलाज। प्राथमिकी दोनों पक्षों से हुआ दर्ज। 


दरभंगा जिले के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव में मजदूरी के बकाया पैसे को लेकर शुरू हुआ विवाद अब जातीय टकराव का रूप ले चुका है। 30 जनवरी से शुरू हुए इस मामले में मारपीट, गाली-गलौज, धमकी, घर में घुसकर तोड़फोड़ और लूटपाट जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें घर निर्माण के बकाया की मांग को लेकर दो पक्षों  के बीच तनाव और झड़प की स्थिति दिखाई दे रही है।


आरोप है कि 30 जनवरी को हेमकांत झा के बहन-बहनोई के रास्ते से गुजरने के दौरान कैलाश पासवान ने मजदूरी के बकाया लगभग 2 लाख 47 हजार रुपये की मांग को लेकर उनकी बाइक  रोक दी, जिसके बाद कहासुनी, धक्का-मुक्की  हुई। ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बावजूद विवाद बढ़ता गया और बाद में पंचायत के दौरान भी तनाव बना रहा, जो 31 तारीख को  पासवान और ब्राह्मण समुदाय के बीच हिंसक झड़प में बदल गया।ब्राह्मण  समुदाय के लोगो पर आरोप है की बड़ी संख्या में पासवान  टोला पर हमला कर दिए दुकान घर का सामन और 11 लोगो को जख्मी कर दिया। 


ब्राह्मण पक्ष का कहना था कि जब रुपया जो बकाया था वो हेमकांत झा और कैलाश पासवान के बीच का बात था लेकिन उनके बहन और बहनोई को क्यों बीच रास्ते में रोक कर धक्का मुक्की और अपमानित किया गया ग्रामीण के समझाने पर भी उनके साथ भी धक्का मुक्की किया गया जिसका लाइव वीडियो भी आया है।


पीड़ित पक्ष का आरोप है कि मजदूरी मांगने पर दबंगों ने दलित परिवार पर हमला कर दिया, जिसमें 11 लोग घायल हुए और उनका इलाज डीएमसीएच में चल रहा है। अशर्फी पासवान द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर पुलिस ने 70 नामजद और  150 अज्ञात लोगों के खिलाफ SC/ST सहित गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।  इस मामले में अब तक 12 लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।जिसकी पुष्टि खुद SDPO बिरौल ने किया है। उन्होंने भी रुपया बकाया से ही विवाद भड़कने की बात कही। 



वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि मूल विवाद केवल पैसों के लेन-देन का था, जिसे बाद में जातीय रंग दे दिया गया। उनका आरोप है कि प्राथमिकी में ऐसे लोगों को भी नामजद कर दिया गया है जो गांव में मौजूद ही नहीं थे या बाहर रहते हैं।ये बातें खुद SC ST के लिए काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता ने भी माना है उनकी मांग है की जो दोषी है उनका नाम छूटा हुआ है उन्हें जोड़े और जो दोषी नहीं है उनका नाम हटाया जाय। पूरा गांव में माहौल है की गांव से पुरुष ब्राह्मण के तरफ से फरार है गिरफ्तारी की डर से तो वही घायल घटना की जिक्र कर काँप जाते है। माहौल गांव का अभी भी बिगड़ा हुआ है। 


फिलहाल राज्य अनुसूचित जाति–जनजाति आयोग के अध्यक्ष धनंजय कुमार उर्फ मृणाल पासवान ने डीएमसीएच का निरीक्षण किया। इस दौरान हरिनगर गांव में हुई मारपीट की घटना में घायल मरीजों से मुलाकात कर कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों ने छोटे विवाद को बड़ा रूप दे दिया, जबकि मामला महज पैसे के लेन-देन से जुड़ा था, जिसे बातचीत से सुलझाया जा सकता था। समाज में सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


अध्यक्ष ने कहा कि इस घटना को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि मामला लगभग दंगे का रूप ले चुका था, जिसमें दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे।अध्यक्ष ने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाना आयोग की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि सांसद चिराग पासवान ने भी उन्हें फोन कर स्वयं मौके पर जाकर मामले की जांच करने को कहा था। साथ ही बिहार सरकार के निर्देश पर भी वह स्वयं दरभंगा पहुंचे हैं।