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Bihar News: सरकारी बसों के परिचालन में खूब तोड़े जा रहे नियम, अधिकारी एक दूसरे पर इल्जाम लगाने में व्यस्त

Bihar News: भागलपुर-पूर्णिया रूट पर पथ परिवहन निगम की बसों में ओवरलोडिंग आम बात है। महिलाओं और बच्चों को इंजन पर बैठाया जा रहा है। कई मामलों में टिकट भी नहीं दिए जा रहे। इधर अधिकारी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे।

Bihar News
प्रतीकात्मक
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Deepak Kumar
Deepak Kumar
3 मिनट

Bihar News: भागलपुर से पूर्णिया रूट पर चलने वाली बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की बसों में यात्रियों के साथ अनियमितता की शिकायतें आजकल खूब सामने आ रही हैं। बसों में यात्रियों को ठूस-ठूसकर चढ़ाया जा रहा है और महिला यात्रियों व बच्चों को असुरक्षित तरीके से इंजन के ऊपर बैठने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इस रूट पर बसों की उचित मॉनिटरिंग न होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय यात्रियों को टिकट तक नहीं दिए जा रहे हैं।


हैरानी की बात यह है कि इन समस्याओं का समाधान करने की जगह पथ परिवहन निगम के अधिकारी इस मामले में एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं। भागलपुर पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक का कहना है कि यह बस उनके क्षेत्राधिकार में नहीं आती हैं। जबकि ये बसें भागलपुर से पूर्णिया या पूर्णिया से भागलपुर चलती हैं। वहीं, पूर्णिया डिपो के क्षेत्रीय प्रबंधक ने भी मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा है कि जांच चल रही है। कई यात्रियों ने दोनों डिपो के प्रबंधकों को फोटो और वीडियो साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं लेकिन कार्रवाई में फिर भी देरी हो रही है।


यह स्थिति यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए गंभीर खतरा है। क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण के नियमों के अनुसार, बसों में ओवरलोडिंग, बिना टिकट यात्रा और असुरक्षित सीट व्यवस्था गैरकानूनी है। पहले भी भागलपुर डिपो की बसों की जर्जर हालत और रखरखाव की कमी की शिकायतें सामने आई थीं। जिसके कारण पुनसिया, तारापुर और मुंगेर जैसे रूटों पर बस सेवाएं बंद हो चुकी हैं। यात्रियों ने बताया है कि बारिश के मौसम में बसों में रिसाव और गंदगी की समस्या भी बढ़ जाती है, जिससे यात्रा और भी ज्यादा असहज हो जाती है।


केवल यही नहीं BSRTC की बसों में सुरक्षा उपायों की कमी भी बड़ी चिंता का विषय है। परिवहन नियमों के अनुसार बसों में फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन दरवाजा होना अनिवार्य है। लेकिन अधिकांश बसों में इनका अभाव है। यात्रियों ने मांग की है कि RTA और BSRTC संयुक्त रूप से नियमित जांच करें और दोषी चालकों व परिचालकों पर कार्रवाई भी करें। बिहार में पहले से ही निजी बसों की मनमानी किराया वसूली से लोग काफी परेशान हैं और अब सरकारी बसों की यह स्थिति यात्रियों का भरोसा तोड़ रही है। कई यात्री तो इस स्थिति में यात्रा करने को नर्क से रूबरू होना बतलाते हैं।