सहरसा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लग्जरी कार से भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद, 4 तस्कर गिरफ्तार नशे में धुत युवक ने की फायरिंग, महिला घायल, आरोपी को ग्रामीणों ने पकड़ा आरा–बक्सर फोरलेन पर भीषण सड़क हादसा, तीन युवकों की दर्दनाक मौत, एक की हालत गंभीर बिहार कांग्रेस विधायक दल के नेता पर आज फैसला संभव, पटना में अहम बैठक छपरा में फर्जी IAS बनकर DM से मिलने पहुंचा युवक गिरफ्तार, टाउन थाने में FIR दर्ज Bihar Crime News: बिहार में मोबाइल के लिए बड़े भाई ने ले ली छोटे भाई की जान, हत्या की वारदात से सनसनी Bihar Crime News: बिहार में मोबाइल के लिए बड़े भाई ने ले ली छोटे भाई की जान, हत्या की वारदात से सनसनी सीके अनिल ने अंचलाधिकारियों को मंत्री के सामने हड़काया, कहा..कल तक हड़ताल वापस लो, नहीं तो हो जाओगे डिसमिस रेलवे कर्मचारियों का 36 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन, मांगें नहीं मानने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी Bihar News: दर्दनाक सड़क हादसे में रिटायर्ड शिक्षक की मौत, बेटा गंभीर रूप से घायल; दो बाइक की हुई सीधी टक्कर
25-Jan-2025 07:19 PM
By First Bihar
Pitra Dosh 2025: पितृ दोष भारतीय ज्योतिष और आध्यात्मिक मान्यताओं में एक महत्वपूर्ण अवधारणा है। यह माना जाता है कि अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में पितृ दोष हो, तो उसके जीवन में कई परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं। इसका असर कई पीढ़ियों तक चलता है, जिससे घर में अशांति और क्लेश का माहौल बना रहता है। हालांकि, इस दोष से छुटकारा पाने के लिए कुछ उपाय और व्रत बताए गए हैं, जिनका पालन करके राहत मिल सकती है।
पितृ दोष से राहत पाने के लिए लाभकारी व्रत
प्रदोष व्रत
पितृ दोष निवारण के लिए भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत सबसे शुभ माना जाता है। यह व्रत हर महीने की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है। इस दिन विधि-विधान से शिव जी की पूजा करके व्रत रखने से पितृ दोष का प्रभाव कम हो सकता है।
पितृपक्ष अमावस्या व्रत
पितृ दोष निवारण के लिए पितृपक्ष में आने वाली अमावस्या तिथि पर व्रत रखना भी लाभकारी है। इस दिन पितरों का तर्पण, पिंडदान, और श्राद्ध कर्म किया जाता है। यह माना जाता है कि इससे पितृ प्रसन्न होते हैं और व्यक्ति को उनका आशीर्वाद मिलता है।
पितृ दोष निवारण के अन्य उपाय
कपूर जलाना
रोजाना सुबह और शाम पूजा के बाद घर में कपूर जलाना शुभ माना गया है। यह न केवल वातावरण को शुद्ध करता है बल्कि पितरों को भी प्रसन्न करता है।
दक्षिण दिशा में दीपक जलाना
पितरों की दिशा दक्षिण मानी जाती है। इस दिशा में मिट्टी के दीपक में तेल भरकर दीप जलाना और पितरों का ध्यान करना लाभकारी है। इसके साथ ही अपनी भूल-चूक के लिए क्षमा मांगना चाहिए।
पीपल के पेड़ की पूजा
पितृ दोष निवारण के लिए पीपल के पेड़ में जल चढ़ाना और उसकी सात बार परिक्रमा करना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से पितृ दोष के असर में कमी आती है।
पितृ दोष के संभावित प्रभाव
घर में लगातार अशांति और कलह का माहौल।
आर्थिक समस्याएं और कर्ज में वृद्धि।
परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य खराब रहना।
संतान प्राप्ति में बाधाएं।
पितृ दोष से जुड़ी मान्यताएं
पितृ दोष को व्यक्ति के पूर्वजों की अतृप्त आत्मा से जुड़ा माना जाता है। यह दोष तब लगता है जब पितरों की आत्मा असंतुष्ट हो या उनके प्रति कोई कर्तव्य अधूरा रह गया हो। इसे निवारण करने के लिए पितरों का सम्मान और तर्पण आवश्यक है। इन उपायों और व्रतों का पालन करके पितृ दोष से मुक्ति पाई जा सकती है और घर-परिवार में सुख-शांति का माहौल बनाया जा सकता है।