ब्रेकिंग न्यूज़

खुले में मांस-मछली कारोबार बैन: निगम ने चलाया सख्त अभियान, 686 दुकानों पर रोक, नियम तोड़ने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई Bihar News: 'अगला CM अगर नीतीश कुमार के रास्तों पर नहीं चले तो टिक नहीं पाएगा...', मांझी ने अपना अनुभव साफ-साफ बता दिया Bihar News: बिहार प्रशासनिक सेवा के 1634 अफसरों में नंबर-1 पर कौन ? नीतीश सरकार ने अधिकारियों की सिविल लिस्ट का किया प्रकाशन... Bihar DCECE 2026 : बिहार के स्टूडेंट के लिए खुशखबरी , डिप्लोमा और पैरामेडिकल समेत इन कोर्स में एडमिशन का सुनहरा मौका; आवेदन शुरू – जल्दी करें अप्लाई बिहार में बेखौफ हुए अपराधी: व्यवसायी के घर को निशाना बनाकर की ताबड़तोड़ फायरिंग, इलाके में दहशत BIHAR POLICE : थानेदार का फायरिंग का पुराना रिकॉर्ड, मुजफ्फरपुर के तीन थाना क्षेत्रों में कर चुका है फायरिंग; गायघाट गोलीकांड के बाद विवादों में SHO अजब प्रेम की गजब कहानी: जिगरी दोस्त की पत्नी पर आया युवक का दिल, पति ने करा दी शादी BIHAR NEWS : अचानक ब्रेक से ट्रकों की टक्कर, खलासी की मौत, चालक गंभीर Bihar Crime: चाय पी रहे युवक की पीट-पीटकर हत्या: बहन की शादी में शामिल होने आया था घर, परिजनों ने सड़क किया जाम Bihar News : सम्राट मॉडल कहने पर भड़का JDU, BJP को मिला करारा जवाब - तब तो कहिएगा की मदन सहनी मॉडल? बिहार में एक ही मॉडल वो है....

Home / religion / बसंत पंचमी 2025: 3 फरवरी को मनाया जाएगा, उज्जैन के ज्योतिषाचार्य ने बताया...

बसंत पंचमी 2025: 3 फरवरी को मनाया जाएगा, उज्जैन के ज्योतिषाचार्य ने बताया तिथि

बसंत पंचमी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो विशेष रूप से माता सरस्वती की पूजा के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व माघ महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है।

25-Jan-2025 07:35 AM

By First Bihar

Basant Panchami 2025: हिंदू धर्म में माघ महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व है। इस तिथि को मनाया जाने वाला बसंत पंचमी का पर्व विशेष रूप से विद्या और ज्ञान की देवी, माता सरस्वती की पूजा के रूप में मनाया जाता है। इस दिन का महत्व इसलिए है क्योंकि माना जाता है कि माघ माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को ही देवी सरस्वती का प्रकट होना हुआ था।


कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी 2025?

इस वर्ष, बसंत पंचमी का पर्व 3 फरवरी 2025, सोमवार को मनाया जाएगा। उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पं. अमर डबावाला के अनुसार, माघ माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 2 फरवरी रविवार को सुबह 11 बजकर 53 मिनट से शुरू होगी, जो 3 फरवरी सोमवार को सुबह 9 बजकर 36 मिनट तक चलेगी। इस प्रकार, उदयातिथि के अनुसार, 3 फरवरी को बसंत पंचमी मनाने का उचित दिन है, और इस दिन माता सरस्वती की पूजा विधिपूर्वक की जाएगी।


बसंत पंचमी पर माता सरस्वती की पूजा

बसंत पंचमी के दिन विशेष रूप से माता सरस्वती की पूजा होती है, जो ज्ञान, संगीत, कला, और विद्या की देवी मानी जाती हैं। इस दिन विधिपूर्वक पूजा करने से भक्तों को बुद्धि और विद्या का वरदान मिलता है। सरस्वती पूजा में विशेष रूप से विद्यार्थियों द्वारा अपनी किताबों, कलम और लेखन सामग्री की पूजा की जाती है। साथ ही, संगीत से जुड़ी व्यक्तियों द्वारा भी इस दिन अपने वाद्य यंत्रों की पूजा की जाती है। यह दिन विशेष रूप से शैक्षिक उन्नति के लिए शुभ माना जाता है और भक्तगण माता की कृपा से अपने ज्ञान में वृद्धि की कामना करते हैं।


बसंत पंचमी, जो विशेष रूप से माता सरस्वती की पूजा का पर्व है, इस वर्ष 3 फरवरी को मनाया जाएगा। यह दिन ज्ञान और विद्या की देवी की आराधना का है, और इस दिन विधिपूर्वक पूजा करने से भक्तों को उनके जीवन में ज्ञान और सफलता की प्राप्ति होती है।