ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार में दर्दनाक हादसा: ट्रेन की चपेट में आने से दो सगे भाइयों की मौत, रेल ट्रैक पार करने के दौरान गई जान बिहार में दर्दनाक हादसा: ट्रेन की चपेट में आने से दो सगे भाइयों की मौत, रेल ट्रैक पार करने के दौरान गई जान 'स्कूल-कॉलेज और दफ्तरों के लिए तय किए 5 नियम; 4 दिन का होगा सप्ताह ...!', तेल संकट के बाद PM ने लिया बड़ा फैसला; जानिए क्या -क्या बदल गया 8 साल से इश्क का झांसा देकर SHO ने छात्रा के साथ किया यह काम, शादी पर आई बात तो कर दिया बड़ा कांड; जानिए क्या है पूरी कहानी BIHAR NEWS : नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व विधायक सतीश कुमार का निधन, निशांत कुमार ने दी श्रद्धांजलि Bihar News: एक रात में घर हो गया साफ: चोरों ने उड़ाए साढ़े तीन लाख कैश और सोने के जेवर Bihar News: CO भ्रम में न रहें...आज भी है और कल भी NDA की सरकार रहेगी, भड़के विजय सिन्हा ने हड़तालियों को हड़काया - मुक्ति नहीं मिलने वाली है.... Bihar crime news : 7 वर्षीय ऋषिकेश हत्याकांड का खुलासा, मां से एकतरफा प्यार में पागल पड़ोसी ने की निर्मम हत्या Bihar Politics : बिहार में कैसे शुरू हुई थी जनता के खातों में सीधे पैसा भेजने की व्यवस्था? अतीत की बहस से आज की सियासत तक; पढ़ें यह महत्वपूर्ण बातें LPG Cylinder New Rule: कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर रोक, घरेलू सिलेंडर पर सख्ती; शादी वाले घरों में बढ़ी परेशानी

Mohan Bhagwat: ‘पड़ोसियों को हम तंग नहीं करते लेकिन दंड देना राजा का कर्तब्य’ RSS प्रमुख मोहन भागवत का बड़ा बयान

Mohan Bhagwat: राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने पहलगाम हमले को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि भारत अपने पड़ोसियों को तंग नहीं करता है लेकिन अगर ऐसा हो रहा है तो देश की सरकार को कठोर कदम उठाना चाहिए.

26-Apr-2025 07:57 PM

By FIRST BIHAR

Mohan Bhagwat: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि भारत की शास्त्रार्थ परंपरा सत्य को सहमति से स्थापित करने की परंपरा है। इसी उद्देश्य से हिंदू मैनिफेस्टो प्रस्तावित किया गया है—यह एक प्रमाणिक पुस्तक है, जो व्यापक चर्चा और सहमति के लिए प्रस्तुत की गई है।


भागवत ने कहा कि भारत की प्राचीन दृष्टि पर आधारित जीवन व्यवस्था को फिर से स्थापित करना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही पुस्तक के आठ सूत्र पूर्ण हैं, लेकिन उनके भाष्य समय और परिस्थिति के अनुसार बदल सकते हैं।


उन्होंने कहा कि पिछले 1500 वर्षों में कोई नया शास्त्र नहीं आया, जिसका परिणाम जाति व्यवस्था जैसे दोषों के रूप में सामने आया। आज वेदों के सही भाष्य की आवश्यकता है, क्योंकि शास्त्रों में जाति या अस्पृश्यता का कोई स्थान नहीं है—जैसा उडुपी के संत समाज ने भी कहा है।


भागवत ने यह भी कहा कि भौतिक सुख तो बढ़ा है, लेकिन इसके साथ ही असमानता और पर्यावरणीय क्षति भी बढ़ी है। ऐसे में भारत का यह कर्तव्य है कि वह दुनिया को एक नया, संतुलित मार्ग दिखाए। उन्होंने बताया कि 2000 वर्षों के आस्तिक, नास्तिक और जड़वादी प्रयोग असफल रहे हैं।


धर्म के विषय में उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे केवल कर्मकांड तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। धर्म का अर्थ है सत्य, करुणा और सुचिता। उन्होंने यह भी कहा कि अहिंसा हमारा स्वभाव है, लेकिन आततायियों को दंड देना भी धर्म का ही अंग है। राजा का यह कर्तव्य है कि वह उपद्रव करने वालों को दंड दे और भ्रष्टाचारियों को न छोड़े।


अंत में उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को अपने धर्म को समझने की आवश्यकता है। हिंदू मैनिफेस्टो शास्त्रार्थ के माध्यम से शुद्ध परंपरा को उजागर करेगा और समयानुसार उसके स्वरूप को पुनः स्थापित करेगा। यह पुस्तक केवल भारत ही नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व के कल्याण के लिए है, और इसका व्यापक प्रचार-प्रसार होना चाहिए।