ब्रेकिंग न्यूज़

खेत में काम कर रही महिला पर भालू ने किया हमला, इलाके में दहशत का माहौल श्रीलंका में पेट्रोल-डीजल 400 रुपये पार, मिडिल ईस्ट संकट से बढ़ी महंगाई लॉज में रहकर तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं को फ्री में गैस सिलेंडर देंगे पप्पू यादव, पूर्णिया सांसद की बड़ी पहल मुजफ्फरपुर: शहीद जगवीर राय के लिए पप्पू यादव ने दिया महाधरना, दोषियों की गिरफ्तारी और स्पीडी ट्रायल चलाये जाने की मांग 11 साल बाद जिंदा घर लौटी 80 वर्षीया लीलावती, मृत समझ परिवारवाले हर साल मना रहे थे पुण्यतिथि हरिद्वार में जयपुरिया यात्री निवास का उद्घाटन, श्रद्धालुओं की सुविधा पर जोर हरिद्वार में जयपुरिया यात्री निवास का उद्घाटन, श्रद्धालुओं की सुविधा पर जोर मायके जा रही महिला से झपटा सोने की बाली, पकड़े जाने पर चोर ने निगला, एक्स-रे रिपोर्ट देखकर डॉक्टर रह गये हैरान पटना में खेल मंत्री रक्षा खडसे ने सराहा बिहार मॉडल, देशभर में लागू होगी मैदान निर्माण योजना पटना में खेल मंत्री रक्षा खडसे ने सराहा बिहार मॉडल, देशभर में लागू होगी मैदान निर्माण योजना

Home / news / संसद का शीतकालीन सत्र आज से, महिला आरक्षण बिल पर आगे बढ़ेगी सरकार?

संसद का शीतकालीन सत्र आज से, महिला आरक्षण बिल पर आगे बढ़ेगी सरकार?

07-Dec-2022 07:36 AM

DELHI : संसद का शीतकालीन सत्र आज से शुरू हो रहा है। शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार की तरफ से कई महत्वपूर्ण बिल संसद में लाए जाने हैं, शीतकालीन सत्र पर सबकी नजरें इसलिए भी टिकी हैं की क्या सरकार महिला आरक्षण बिल को लेकर कदम आगे बढ़ाएगी? यह सत्र कई मायनों में बेहद खास साबित होने वाला है। संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने के पहले सर्वदलीय बैठक में सत्र को सही तरीके से चलाने के लिए सहमति बनाने का प्रयास किया गया। आज सत्र के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब संसद भवन पहुंचेंगे तो वह अपनी तरफ से संदेश भी देंगे। शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार जहां एक तरफ अपने एजेंडे को संसद में निपटाने का प्रयास करेगी तो वहीं दूसरी तरफ विपक्ष भी सरकार को अलग-अलग सवालों पर घेरने के लिए तैयार बैठा है। खासतौर पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग और इलेक्शन कमिशन की कार्यशैली को लेकर भी विपक्ष सदन में सरकार को घेरेगा। 


शीतकालीन सत्र के दौरान सरकार कुल 16 नए बिल संसद में विचार के लिए और उसे स्वीकृत कराने के लिए लाएगी। संसद का शीतकालीन सत्र 29 दिसंबर तक चलना है। सत्र को लेकर सरकार ने हर स्तर पर अपनी तैयारी पूरी कर रखी है। शीतकालीन सत्र के दौरान कांग्रेस अलग-अलग मुद्दों पर संसद में चर्चा की मांग करेगी। खासतौर पर देश में बढ़ती हुई महंगाई और बेरोजगारी, केंद्रीय एजेंसियों की स्वतंत्रता, चीन के साथ सीमा विवाद, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम और मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति पर शुरू हुए विवाद को लेकर कांग्रेस सत्र के दौरान चर्चा चाहेगी। 


संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान कुल 23 दिनों में 17 बैठकें होंगी। इस दौरान सरकार के एजेंडे में कुल 25 बिल शामिल हैं। इनमें 16 नए और 7 लटके हुए बिल भी शामिल हैं, दो फाइनेंस बिल भी सरकार सत्र के दौरान लाएगी। सबसे महत्वपूर्ण मामला महिला आरक्षण बिल से जुड़ा होगा। सरकार के ऊपर विपक्षी दलों का यह दबाव होगा की इस बार महिला आरक्षण बिल के ऊपर वह आगे बढ़े। देश की संसद और राज्य की विधानसभाओं में महिलाओं को 33 आरक्षण दिए जाने की मांग लगातार होती रही है।