जेडीयू कार्यकर्ता चाहते हैं निशांत कुमार को CM, नीतीश ने सम्राट के कंधे पर रख दिया हाथ जहानाबाद में नकली दवाओं के बड़े रैकेट का भंडाफोड़, रैपर बदलकर बाजार में खपाई जा रही थी दवाइयां पटना में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एनकाउंटर के बाद अवैध कारतूस का जखीरा बरामद मुजफ्फरपुर जिले में LPG की कोई किल्लत नहीं, अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील किशनगंज में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई, 118.85 लाख रुपये का जुर्माना बांका में साइबर ठगी का बड़ा खेल बेनकाब, दो बैंक खातों में मिला करोड़ों का संदिग्ध ट्रांजेक्शन जद(यू) ने जारी की 25 जिलाध्यक्षों की सूची, नीतीश कुमार की मिली स्वीकृति बिहार में अन्य राज्यों से आने वाले लघु खनिज वाहनों के लिए ट्रांजिट पास अनिवार्य, बॉर्डर पर लगेगा CCTV गूगल में काम करने का सुनहरा मौका: इतना मिलेगा स्टाइपेंड, जानें आवेदन की पूरी प्रक्रिया गैंस सिलेंडर-चूल्हा और कूकर लेकर अलका लांबा ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस, गैस संकट पर मोदी सरकार पर साधा निशाना
11-Jan-2024 02:32 PM
By First Bihar
DESK : देश में इस बार संसद का बजट सत्र की शुरुआत 31 जनवरी से होने वाली है। इस बार देश का अंतरिम बजट 1 फरवरी को पेश होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वर्तमान सरकार का आखिरी बजट पेश करेंगी। वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 31 जनवरी को बजट सत्र की शुरुआत के साथ संसद के दोनों सदनों को संबोधित करेंगी।
मिली जानकारी के अनुसार, संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से 9 फरवरी तक चलने वाला है और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण वित्त वर्ष 2025 के लिए अंतरिम बजट 1 फरवरी को पेश करेंगी। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि इस अंतरिम बजट में महिला किसानों के लिए पीएम किसान सम्मान निधि को दोगुना करने का प्रस्ताव हो सकता है।
बताया जा रहा है कि, बजट सत्र में राष्ट्रपति के संबोधन के बाद आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट को भी 31 जनवरी को ही पेश किया जाएगा। मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का यह अंतिम बजट होगा। जो आम चुनाव से ठीक पहले पेश किया जाना है। 17वीं लोकसभा का यह अंतिम संसद सत्र होगा। इससे पहले पिछले साल 4 दिसंबर से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हुआ था, जो तय समय से एक दिन पहले ही खत्म हो गया था। इस दौरान मोदी सरकार ने अपराध और न्याय से जुड़े नए बिल पास कराए थे। लेकिन, संसद की सुरक्षा में चूक के मुद्दे पर लगातार हंगामा होता रहा था। इस कारण शीतकालीन सत्र तय समय से एक दिन पहले ही खत्म हो गया था।
आपको बताते चलें कि, मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के खत्म होने के कुछ ही महीने पहले ये बजट काफी महत्वपूर्ण हो जाता है। इसी साल लोकसभा चुनाव होने वाले हैं और इससे पहले देश की वित्तीय स्थिति को बताने वाला ये बेहद अहम दस्तावेज होगा। चुनावी साल में देश में दो बजट पेश होते हैं जिसमें से पहला बजट मौजूदा सरकार प्रस्तुत करती है और दूसरा बजट नई सरकार के गठन के बाद प्रस्तुत किया जाता है। इसके साथ ही अंतरिम बजट में चुनावी साल में देश के खर्चे चलाने के लिए सरकार के पास कितना पैसा है और उसका कैसे इस्तेमाल किया जाएगा, इस पर चर्चा होती है और इसे ही वोट ऑन अकाउंट कहा जाता है।