ब्रेकिंग
परिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकारपरिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानाबिहार में स्वास्थ्य व्यवस्था की खुली पोल: अस्पताल में इलाज के नाम पर टूटे पैर में बांध दिया कार्टन... VIDEO वायरलकैबिनेट की बैठक में 17 एजेंडों पर लगी मुहर, हर घर तिरंगा अभियान में 6.12 करोड़ रुपये खर्च करेगी बिहार सरकार

बांका में साइबर ठगी का बड़ा खेल बेनकाब, दो बैंक खातों में मिला करोड़ों का संदिग्ध ट्रांजेक्शन

Cyber Fraud: बांका जिले में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने दो बैंक खातों में करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता लगाया है, जिनका इस्तेमाल देशभर में ऑनलाइन ठगी की रकम जमा करने और ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था। स

बांका में साइबर ठगी का बड़ा खेल बेनकाब, दो बैंक खातों में मिला करोड़ों का संदिग्ध ट्रांजेक्शन
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

Bihar Crime News: बिहार के बांका जिले में साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने दो बैंक खातों में करोड़ों रुपये की संदिग्ध लेन-देन का पता लगाया है, जिनका इस्तेमाल देशभर में हुई ऑनलाइन ठगी की रकम जमा करने के लिए किया जा रहा था। इस मामले ने जिले में सनसनी मचा दी है और साइबर थाना की टीम पूरे मामले की छानबीन में जुट गई है।


दो बैंक खातों में करोड़ों का लेन-देन

जानकारी के अनुसार, साइबर पुलिस ने बांका जिले में दो अलग-अलग बैंक खातों का पता लगाया, जिनमें बड़ी राशि का ट्रांजेक्शन हो रहा था। पहला खाता बंधन बैंक में था, जिसमें लगभग 1 करोड़ 22 लाख 32 हजार 532 रुपये जमा होने का पता चला। वहीं, दूसरा खाता यूको बैंक में था, जिसमें लगभग 25 लाख रुपये का संदिग्ध लेन-देन सामने आया।


इन दोनों खातों को तीन अलग-अलग लोगों के नाम से संचालित किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि इन खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधियों द्वारा ठगी से प्राप्त रकम को जमा करने और बाद में उसे अलग-अलग जगह ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था।


ठगी का तरीका

पुलिस के अनुसार, ठग सोशल मीडिया, मोबाइल कॉल और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को निवेश, ऑनलाइन ट्रेडिंग और मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से अधिक मुनाफा कमाने का झांसा देते थे। लालच में आकर जब लोग पैसे ट्रांसफर करते थे, तो वह राशि सीधे इन बैंक खातों में पहुंच जाती थी।


साइबर थाना की टीम अब इन खातों से जुड़े पूरे लेन-देन का ब्यौरा जुटा रही है। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि खाते किसने खोले और असली संचालक कौन है। जांच यह भी कर रही है कि इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं और कितनी राशि का लेन-देन हुआ।


कुटीर उद्योग के नाम पर खोला गया खाता

जांच में पता चला है कि एक फर्म कुटीर उद्योग के नाम पर रजिस्टर की गई थी। यह फर्म तीन दोस्तों की तिकड़ी ने मिलकर बनाई थी। इसके नाम पर बंधन बैंक और यूको बैंक में खाते खोले गए, जो तीनों के नाम से संचालित हो रहे थे।


शुरुआत में इन खातों का इस्तेमाल केवल कुटीर उद्योग से जुड़े लेन-देन के लिए किया जा रहा था। लेकिन बाद में इन खातों में देशभर में हुई साइबर ठगी की रकम आने लगी। अब यह स्पष्ट हो गया है कि ये खाते साइबर अपराधियों के नेटवर्क का हिस्सा बन गए हैं।


पुलिस की कार्रवाई

साइबर क्राइम यूनिट बिहार को जब यह जानकारी मिली कि बांका के ये दो खाते संदिग्ध लेन-देन में शामिल हैं, तो मामले की जांच बांका साइबर थाना को सौंपी गई। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने इन खातों से जुड़े लेन-देन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।