ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार दिवस समारोह के स्टॉल में लगे पुराने फूल को देख मंत्री ने लगाई फटकार, कहा..बेटी की शादी में फ्रेश फूल लगाएंगे और सरकारी काम में बासी खेत में काम कर रही महिला पर भालू ने किया हमला, इलाके में दहशत का माहौल श्रीलंका में पेट्रोल-डीजल 400 रुपये पार, मिडिल ईस्ट संकट से बढ़ी महंगाई लॉज में रहकर तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं को फ्री में गैस सिलेंडर देंगे पप्पू यादव, पूर्णिया सांसद की बड़ी पहल मुजफ्फरपुर: शहीद जगवीर राय के लिए पप्पू यादव ने दिया महाधरना, दोषियों की गिरफ्तारी और स्पीडी ट्रायल चलाये जाने की मांग 11 साल बाद जिंदा घर लौटी 80 वर्षीया लीलावती, मृत समझ परिवारवाले हर साल मना रहे थे पुण्यतिथि हरिद्वार में जयपुरिया यात्री निवास का उद्घाटन, श्रद्धालुओं की सुविधा पर जोर हरिद्वार में जयपुरिया यात्री निवास का उद्घाटन, श्रद्धालुओं की सुविधा पर जोर मायके जा रही महिला से झपटा सोने की बाली, पकड़े जाने पर चोर ने निगला, एक्स-रे रिपोर्ट देखकर डॉक्टर रह गये हैरान पटना में खेल मंत्री रक्षा खडसे ने सराहा बिहार मॉडल, देशभर में लागू होगी मैदान निर्माण योजना

Home / news / राशन के बाद अब पानी पर आफत, नालंदा में नल-जल योजना की खुली...

राशन के बाद अब पानी पर आफत, नालंदा में नल-जल योजना की खुली पोल

22-Apr-2020 03:55 PM

By Pranay Raj

NALANDA :नालंदा में लॉकडाउन में जहां ग्रामीणों के बीच राशन की समस्या बनी हुई थी अब गर्मी के बढ़ते ही पानी पर भी आफत होनी शुरू हो गयी है। पानी की समस्या के बीच मुख्यमंत्री की सात निश्चय योजना में शामिल हर घर नल का जल परियोजना की पोल खुलती दिख रही है। ग्रामीणों ने राशन कार्ड और पानी को लेकर प्रदर्शन किया है। 


जिले के सकरौल पंचायत के शंकरपुर गांव में ग्रामीणों ने सामाजिक दूरी का पालन करते हुए राशन कार्ड और पानी की समस्या को लेकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में नल-जल के तहत कोई भी कार्य नहीं हुआ है। 3 साल पूर्व लगा बोरिंग फेल हो गया है जिससे वर्तमान समय में पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है। ग्रामीण दूसरे गांव जाकर पानी लाने को विवश हैं। 


बता दें कि गांव में कुल 70 घरों की आबादी है जहां 50 घरों के पास राशन कार्ड नहीं बना है जिससे उन्हें राशन नहीं मिल रहा है पंचायत के मुखिया से लेकर बिहारशरीफ प्रखंड के बीडीओ तक गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया है। लॉक डाउन में बिना राशन और पानी के लोग भूखे रहने को विवश हैं।