ब्रेकिंग न्यूज़

नहाय-खाय के साथ आज से चैती छठ की शुरुआत, रंग-बिरंगी लाइटों से जगमग होंगे पटना के 49 घाट; सुरक्षा के व्यापक इंतजाम नहाय-खाय के साथ आज से चैती छठ की शुरुआत, रंग-बिरंगी लाइटों से जगमग होंगे पटना के 49 घाट; सुरक्षा के व्यापक इंतजाम Bihar new road project : अब सफर होगा आसान! इस जिलें में 5 नई सड़कों से ट्रैफिक होगा फ्री; जानिए किस-किस इलाके में होगा निर्माण भारत-नेपाल सीमा पर SSB का बड़ा एक्शन, फर्जी आधार कार्ड के साथ बांग्लादेशी नागरिक को दबोचा भारत-नेपाल सीमा पर SSB का बड़ा एक्शन, फर्जी आधार कार्ड के साथ बांग्लादेशी नागरिक को दबोचा Patna Digha Road Project : पटना में खत्म होगा सबसे बड़ा जाम! दीघा में बनने जा रहा 3 गुना बड़ा गोलंबर; जानिए क्या है सरकार का प्लान BIHAR NEWS : जेल से बाहर आते ही ताकत का शो! अनंत सिंह का मेगा स्वागत की तैयारी, मंदिरों में पूजा -रास्ते में समर्थकों का काफिला; पूरा शेड्यूल तैयार BIHAR NEWS : जमीन का विवाद बना जंग का मैदान ! फर्नीचर दुकान में तोड़फोड़ और 1 लाख नकद लूटे; सैकड़ों की संख्या में पहुंचे हमलावर Bihar News : बच्चों का हक खा गए गुरुजी! मिड-डे मील में गड़बड़ी, एक्शन मोड में शिक्षा विभाग; 200 हेडमास्टरों को देना होगा जवाब Bihar police news : महिला कॉन्स्टेबल की संदिग्ध मौत: बंद बाथरूम में फंदे से लटका मिला शव, नोट्स से खुल सकते हैं राज

Home / news / प्रशांत भूषण को राहत, अवमानना मामले में अब नयी पीठ करेगी सुनवाई

प्रशांत भूषण को राहत, अवमानना मामले में अब नयी पीठ करेगी सुनवाई

25-Aug-2020 12:36 PM

NEW DELHI : सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण अवमानना के दोषी पाए गये हैं। प्रशांत भूषण ने कोर्ट से माफी मांगने से भी इंकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट में आज उनकी सजा को लेकर सुनवाई हुई है जिसके बाद प्रशांत भूषण को बड़ी राहत मिली है। इस मामले की सुनवाई अब कोर्ट की नयी पीठ करेगी। 2009 में वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण द्वारा न्यायाधीशों पर टिप्पणी से जुड़े अवमानना मामले में उच्चतम न्यायालय ने आज मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) एसए बोबडे से अनुरोध किया कि इसे अदालत की उपयुक्त पीठ के समक्ष रखा जाए। अदालत ने इस मामले को 10 सितंबर को एक अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया है।मंगलवार को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा ने कहा, 'मेरे पास समय की कमी है। 

मैं पद से मुक्त होने वाला हूं। इसके लिए चार से पांच घंटे की विस्तृत सुनवाई की आवश्यकता है।' अदालत ने कहा 'यह सजा का सवाल नहीं है, यह संस्था में विश्वास का सवाल है। जब लोग राहत के लिए अदालत में आते हैं और वो आस्था डगमगा जाती है तो यह एक समस्या बन जाती है।' बता दें कि न्यायमूर्ति मिश्रा दो सितंबर को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

प्रशांत भूषण के वकील राजीव धवन ने तर्क दिया था कि न्यायाधीशों द्वारा भ्रष्टाचार के संदर्भ में कोई भी सवाल, क्या यह अवमानना है या नहीं, इसकी जांच एक संविधान पीठ द्वारा की जानी चाहिए।