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22-Sep-2023 10:35 AM
By First Bihar
PATNA : उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक में एक सौ करोड़ रुपये से ज्यादा के घोटाले की जांच के बारे में पटना हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने केंद्र सरकार एवं सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को इस बात की स्पष्ट जानकारी देने का आदेश दिया है कि इस घोटाले की जांच कौन करेगा। कोर्ट ने छह सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
दरअसल , न्यायमूर्ति पीबी बैजन्त्री और न्यायमूर्ति अरुण कुमार झा की खंडपीठ ने नवनीत कुमार की अर्जी पर उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक में एक सौ करोड़ रुपये से ज्यादा के घोटाला मामले में गुरुवार को सुनवाई की। इसके बाद कोर्ट ने केंद्र सरकार से रिपोर्ट मांगी है। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि, इस घोटाले की जांच सीबीआई या ईडी से कराई जा सकती है।
वहीं, इस मामले में वकील शिव प्रताप ने कोर्ट को बताया कि- उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक घोटाले में नाबार्ड की जांच रिपोर्ट में बैंक पर लगे सारे आरोप सही पाए गए हैं। बैंक में फर्जी दस्तावेज के आधार पर लोन दिए गए। केंद्र द्वारा दी गई सब्सिडी राशि का भी दुरुपयोग हुआ। उसके बाद कोर्ट ने यह सवाल किया कि, जब आरोप सही हैं तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई।
इसके बाद नाबार्ड ने बताया कि कार्रवाई की जवाबदेही केंद्रीय वित्त मंत्रालय और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की है। उसके बाद कोर्ट ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय को आरोपों की जांच अपनी एजेंसी से कराकर कार्रवाई का आदेश दिया। अदालत ने केंद्र सरकार एवं सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को इस बात की स्पष्ट जानकारी देने का आदेश दिया है कि इस घोटाले की जांच कौन करेगा। कोर्ट ने छह सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
आपको बताते चलें कि, पिछले साल मुजफ्फरपुर के काजी मुहम्मदपुर थाना में घोटाले की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। लेकिन केस में कोई प्रगति नहीं हुई। इसके बाद आवेदक ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर पूरे मामले की जांच सीबीआई और ईडी से करवाने की गुहार लगाई है।